गुणकारी हल्दी आपको रखेगी हेल्दी

लखनऊ। हल्दी हर घर के रसोई में आसानी से मिल जाती है। हल्दी के फायदे की अगर हम बात करें तो इसे अमृत के समान गुणकारी माना जा सकता है। हल्दी एक अत्यन्त ताकतवर ऐंटीऑक्सीडेंट है। इसमें कैंसर से लडऩे की क्षमता है इसमें करक्यूमिन होने के कारण यह कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं को से भी लड़ती है। स्वस्थ व्यक्ति अगर रोज सुबह एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच हल्दी के साथ आधा नीबू, एक चम्मच शहद मिलाकर अगर पीये तो यह अमृत के समान गुणकारी होगा। अगर व्यक्ति बीमार है तो अपनी दवाओं के साथ रोज सुबह उठकर और रात को सोते समय हल्दी वाला पानी या हल्दी वाला दूध पीये तो यह जुकाम से लेकर कैंसर तक में अत्यन्त लाभकारी साबित होता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर हल्दी वाले पानी में तुलसी की पांच पत्तियां और पुदीना की पांच पत्तियों को मिला दिया जाये तो यह शरीर के डीटॉक्सीफिकेशन के लिए अत्यन्त कारगर सिद्ध होगा। हल्दी का पानी खांसी से बचाता है तथा खांसी होने की सम्भावना बहुत कम रहती है। जुकाम के कारण नाक बंद होने पर हल्दी वाले पानी में काली मिर्च व शहद मिलाकर पीने पर सर्दी जुकाम में राहत मिलती है।
हल्दी मनुष्य में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है नतीजतन रोग हावी नहीं हो पाता है। इसी प्रकार बढ़ती उम्र का असर रोकने में हल्दी बहुत कारगर है। इसके सेवन से शरीर और चेहरे पर काफी कम मात्रा में रेडिकल्स होते हैं जिससे आपकी बढ़ती उम्र दिखती नहीं है। हल्दी के गरम पानी का  कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। डायबिटीज के रोगियों को हल्दी का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि इससे घाव के भरने में काफी मदद मिलती है।
इसी प्रकार हल्दी का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि साइनस, ब्रोंकाइटिस, दमा और जमे हुए कफ को निकालने में हल्दी का पानी अत्यन्त लाभकारी है। इसके अतिरिक्त अर्थराइटिस में भी जोड़ों के  दर्द और सूजन में हल्दी के पानी का सेवन अत्यन्त लाभदायक है। हल्दी वाला पानी हृदय रोगों से बचने में काफी लाभक्रारी है इसके सेवन से रक्त कोशिकाओं में खून जमने नहीं पाता है। शरीर में अगर सूजन हो गयी है तो हल्दी इसे दूर कर देती है। बहुत से लोगों को भूलने की बीमारी हो जाती है ऐसे लोगों को हल्दी के पानी का सेवन करने से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी प्रकार हल्दी का पानी पीने से लिवर में काफी आराम मिलता है और इसका सेवन पित्ताशय की प्रक्रिया को चुस्त-दुरुस्त रखता है।