पीएचसी, सीएचसी सहित सभी नॉन कोविड अस्पतालों में भी शुरू करें ओपीडी सेवायें : योगी

-ओपीडी संचालन में कोविड के प्रोटोकाल का पालन अवश्‍य करें

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने संजय गांधी पीजीआई और केजीएमयू में जनरल ओपीडी शुरू करने के निर्देश देने के बाद अब प्रदेश के सभी नॉन कोविड अस्‍पतालों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुरूप ओ0पी0डी0 सेवा संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इसी प्रकार सभी सावधानियां बरतते हुए सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी ओ0पी0डी0 सुविधा प्रारम्भ की जाए। मुख्‍यमंत्री ने हाई रिस्‍क ग्रुप वालों का आरटीपीसीआर टेस्‍ट कराने के निर्देश भी दिये हैं।

यह जानकारी उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने आज 23 सितम्‍बर को यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्‍बोधित करते हुए दी। उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसके अतिरिक्‍त आरोग्य मेला को शुरू करने के सम्बन्ध में विचार किया जाए। इससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में वृद्धि भी होगी। उन्होंने कोविड-19 के प्रति जनता को जागरूक करने के अभियान को जारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हाई रिस्क ग्रुप को लक्षित करते हुए ज्यादा से ज्यादा कोविड-19 के टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हाई रिस्क ग्रुप का आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्ट किया जाए। इससे कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि एन्टीजन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी उसका आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्ट अवश्य कराया जाए।

श्री अवस्‍थी ने बताया कि मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि सभी जनपदों में इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर पूरी सक्रियता के साथ संचालित किए जाएं। जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन बैठक कर स्थिति की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करें। यह बैठक सुबह कोविड अस्पताल में तथा शाम को इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में आहूत की जाए।

श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि डोर-टू-डोर सर्वे कार्य तेजी से संचालित किया जाए। सर्वे के दौरान पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से लोगों के ऑक्सीजन स्तर की जांच की जाए। निर्धारित स्तर से कम ऑक्सीजन वाले व्यक्तियों को अस्पताल भेजकर वहां उनकी विस्तृत जांच एवं आवश्यकतानुसार उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।