प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया की 53वीं कॉन्फ्रेंस के सतत चिकित्सा शिक्षा समारोह का उद्घाटन
लखनऊ। जन्मजात जुड़े हुए सिर की भारत में पहली बार की गयी सफल सर्जरी का एक-एक पल का वीडियो देश-विदेश के करीब 700 विशेषज्ञों ने देखा। मौका था प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया की 53वीं कॉन्फ्रेंस के सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम के उद्घाटन का। यहां चल रहे एप्सीकॉन-2018 में चार्ल्स पिन्टो मेमोरियल सीएमई का उद्घाटन गुरुवार को मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा0 रविन थट्टे एवं विशिष्ट अतिथि आस्ट्रेलिया के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा0 डेविड डेविड, द्वारा आयोजन समिति के अध्यक्ष डा0 सुरजीत भट्टाचार्य, सचिव डा0 आरके मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष डॉ0 वैभव खन्ना की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। डा0 डेविड डेविड ने जन्मजात कटे होंठ एवं कटे तालू की बीमारी से ग्रसित बच्चों के चेहरों की विकृत हड्डियों को किस प्रकार प्लास्टिक सर्जरी द्वारा ठीक किया जा सकता है, इस बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया।
ऑल इन्डिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) नई दिल्ली में 18 माह पूर्व ओड़ीसा के दो जुड़वा बच्चों, जिनका सिर जन्मजात आपस एक-दूसरे के साथ बुरी तरह से जुड़ा हुआ था, का भारत में पहली बार सफल ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकीय दल के सदस्य प्रमुख न्यूरोसर्जन डॉ दीपक गुप्ता, मुख्य प्लास्टिक सर्जन डॉ मनीष सिंघल व प्लास्टिक सर्जन डॉ राजा सभापती भी इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं। इन सभी ने जुड़वां बच्चों में जन्मजात आपस में एक-दूसरे के साथ बुरी तरह से जुड़े सिर के सफल इलाज में न्यूरोसर्जरी एवं प्लास्टिक सर्जरी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक चलचित्र के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को शिक्षित किया।
सीएमई में इसके अलावा इटली के डॉ जियोरजियो डी सेन्टिस ने स्तन कैंसर के मरीजों में टिश्यू एक्सपैन्डर तथा ब्रेस्ट इम्प्लान्ट विधि के द्वारा स्तन के पुनर्निर्माण पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। यूएसए से आये वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा0 भगवन्त माथुर ने स्तन कैंसर के मरीजों का जीवन स्तर सुधारने के लिये प्लास्टिक सर्जरी के अंतर्गत की जा रही शल्यक्रियाओं के बारे में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
बॉम्बे हास्पिटल के डा0 मुकुन्द थट्टे ने हाथ और पैर के विभिन्न हिस्सों में दबी नसों के इलाज के बारे में नवीन तकनीक के बारे में विस्तार से चर्चा की। आयोजन समिति के सचिव डा0 आर के मिश्रा ने बताया कि मुंबई के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन स्व0 चार्ल्स पिन्टो के नाम पर होने वाले सतत् चिकित्सकीय शिक्षा कार्यक्रम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे नये प्लास्टिक सर्जन ही नहीं बल्कि सभी सदस्य लाभान्वित होते हैं। विदेशों से आये विभिन्न विशेषज्ञों के साथ ही वाराणसी के स्मैन हॉस्पिटल के संचालक व वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा0 जयन्तो कुमार तपादार ने चर्चा करते हुये प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में होने वाली नवीन प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। इसी क्रम में शाम को कान्फ्रेंस का आधिकारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ बीसी राय अवार्ड से सम्मानित केजीएमयू के सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो0 आरपी साही द्वारा केजीएमयू के कुलपति प्रो0 एमएल भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति में देश-विदेश से बड़ी संख्या में आये चिकित्सकों के बीच सम्पन्न हुआ।
