गणतंत्र दिवस समारोह में केजीएमयू के कुलपति ने गिनायीं उपलब्धियां

-देश की प्रगति में आम जन ही नहीं संस्‍थानों की भी होती है अहम भूमिका : प्रो भट्ट

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आज 71वां गणतन्त्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0एम0एल0बी0 भटट् द्वारा विश्वविद्यालय के चिकित्सकों, अधिकारियों, छात्रों एवं कर्मचारियों के मध्य ध्वाजारोहरण किया गया। इस अवसर पर कुलपति द्वारा विगत वर्षों में चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त की गईं अनेक उपलब्धियों के सन्दर्भ में आमजनमानस को अवगत कराया गया।

कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1950 में विश्‍व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश द्वारा 200 वर्षों की अंग्रेजों की पराधीनता के बाद देश के आम-नागरिकों को स्वतन्त्र भारत में समान रूप से एकता एवं अखण्डता के साथ अध्यासन हेतु एक लिखित विधान को अपनाया गया जिसे भारत का संविधान नाम दिया गया और इस दिन भारत एक गणतन्त्र के रूप में स्थापित हुआ। आज भी यह अत्यन्त विस्मयकारी है कि विश्‍व का इतना विशाल देश जो कि 32 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित है तथा जहां 135 करोड़ जनसंख्या 29 राज्य, 8 केन्द्र शासित प्रदेशों में विश्‍व के सबसे लम्बे लिखित विधानों के द्वारा शासित होते हुए अपने अधिकारों के उपभोग के साथ ही अपने कर्तव्‍यों का भी निष्ठा के साथ पालन कर रहे हैं।

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि आज 70 वर्षों के समयावधि में हमारे देश ने कई कठिनाइयों एवं समस्याओं का सामना करते हुए प्रगति के नये आयामों को स्थापित किया है और इस प्रगति में भारत के सभी नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे देश के विकास क्रम में केवल प्रत्येक जन की भागीदारी ही नहीं है, अपितु देश के प्रत्येक संस्थानों की भी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष भूमिका होती है और इस भूमिका में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय जैसे अति-प्राचीन, महत्वपूर्ण एवं विख्यात संस्थान की भूमिका अत्यन्त ही महत्वपूर्ण एवं अपरिहार्य है। हमारे लिए यह गर्व का विषय होने के साथ ही अत्यन्त ही विशाल उत्तरदायित्व भी है कि हम सभी की समाज के स्वस्‍थ वातावरण की स्थापना में सक्रिय भागीदारी है।

ह्यूमन मिल्क बैंक से अब तक 86 लीटर दूध 183 नवजातों को दिया जा चुका

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि विगत 2018 से एनएचएम के वित्तीय सहयोग से संचालित धात्री अमृत कलश (ह्यूमन मिल्क बैंक) सफलतापूर्वक पूर्णरूपेण संचालित हो रहा है जिसके माध्यम से माताओं के स्वैच्छिक दुग्धदान से एकत्रित दुग्ध को किन्हीं कारणों से नवजात शिशुओं को दुग्धपान कराने में अक्षम महिलाओं के शिशुओं को उपलब्ध कराया जाता है जिससे कि ऐसे नवजात शिशु माताओं के दुग्ध के पोषण से वंचित न रह पायें। वर्तमान में मिल्क बैंक में 298 माताओं से एकत्रित 97 लीटर दुग्ध से 183 नवजातों के मध्य 86 लीटर दुग्ध का वितरण किया जा चुका है। चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में प्रति वर्ष अपने उपचार के‍ लिए आने वाले 17 लाख से अधिक मरीजों के तीमारदारों के उपचार अवधि में समुचित ठहराव हेतु पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के रू0 7 करोड 44 लाख के वित्तीय सहयोग से 220 लोगों के अध्यासन की क्षमता वाले पवार ग्रिड विश्राम सदन के नाम से रैन बसेरा का निमार्ण कार्य पूर्ण हो चुका है जो कि निकट भविष्य में तीमारदारों हेतु उपलब्ध हो जायेगा। इसके अतिरिक्त रैन बसेर के विस्तारीकरण हेतु 2 अतिरिक्त तल के निर्माण हेतु पावर ग्रिड कॉरपोरेशन से 4 करोड़ 77 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान प्राप्त हुआ है।

नौ लिवर प्रत्‍यारोपण हो चुके

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के अंग प्रत्यारोपण विभाग द्वारा मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली की टीम के सहयेाग से 9 लि‍वर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक सम्पादित किये गये हैं। जिसमें से 2 लीवर प्रत्यारोपण कैडेवर से प्राप्त लि‍वर द्वारा सम्पादित हुआ है, जो विश्‍वविद्यालय की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

बर्न यूनिट बनने का काम हो चुका है पूरा

चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अन्‍तर्गत गम्भीर रूप से जले (बर्न) मरीजों को समुचित उपचार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मी बाई सम्मान कोष से प्राप्त 9 करोड़ के वित्तीय सहयोग से बनी बर्न यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।  इसके अतिरिक्त बर्न यूनिट के उच्चीकरण के लिए एनटीपीसी के कॉरपोरेट सोशल रिस्पान्सिबेलिटी (सी0एस0आर0) कोष से 11.28 करोड़ रूप की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अनुबन्ध किया गया है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बर्न यूनिट हेतु शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों का सृजन कर दिया गया है। मानव श्रम शक्ति की व्यवस्था पश्चात् शीघ्र ही संचालन प्रारम्भ कर दिया जायेगा।

सात जिलों के लोगों को केजीएमयू टेलीमेडिसिन से दे रहा उपचार

कुलपति ने बताया कि प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में उपचारित मरीजों के समुचित उपचार के दृष्टिगत के0जी0एम0यू0 के ट्रॉमा सेंटर में टेलीमेडिसिन सेंटर का संचालन प्रारम्भ हुआ है जिसके अंतर्गत प्रदेश के सात जिलों यथाः-सिद्धार्थनगर, बस्ती, देवरिया, संतकबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर तथा जिला कारागार, लखनऊ उक्त टेलीमेडिसिन के माध्यम से प्रत्येक दिवस परामर्श प्राप्त कर रहे हैं तथा चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत टेलीमेडिसिन सुविधा के द्वारा ई-संजीवनी सुविधा का संचालन पिछले माह 10 दिसम्बर 2019 से प्रारम्भ हुआ है। इस सुविधा के अन्तर्गत लखनऊ जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, वरवांकलां, त्रिवेणी नगर, आई0आई0एम0 रोड, सेवा सदन सम्बद्ध हैं। ई-संजीवनी के अन्तर्गत प्रत्येक दिवस विश्‍वविद्यालय के विभिन्न विशिष्टता विभाग यथा मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक तथा ऑर्थोपैडिक विभाग के चिकित्सकों को रोस्टर के अनुसार तैनात किया जाता है जो कि मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराते हैं। अभी तक ई-संजीवनी के माध्यम से 200 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उत्‍तर प्रदेश में पहली बार बन रहे ये विभाग

चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी स्पाइन सेंटर की स्थापना जिसके अंतर्गत पीडियाट्रिक्स ऑर्थोपेडिक विभाग, स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग, स्पाइन सेंटर तथा ऑर्थोप्लास्टी यूनिट की स्थापना के लिए उ0प्र0 शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। शीघ्र ही शासन द्वारा उपलब्ध 86 करोड़ वित्तीय अनुदान से इन विभागों का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। ये विभाग उत्तर प्रदेश के किसी संस्थान में प्रथम बार बन रहे हैं। स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के लिए भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय से अनुदान एवं पदों की प्राप्ति हुई है।

चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में उत्कृष्ट शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए संचालित कुल 19 फैलोशिप/सार्टीफिकेट प्रशिक्षणों में से वर्ष 2019 में 13 नए पी0डी0सी0सी0 प्रशिक्षण संचालित हुए हैं, ये हैं

1-PDCC in Critical Care Medicine

2-PDCC in Cardiac Anaesthesia

3-PDCC in Neuro Anaesthesia & Neuro Critical Care

4-PDCC in Hepatology

5-PDCC in Trauma Surgry

6-PDCC in Infectious Disease

7-PDCC in Diabetology

8-PDCC in Pediatric Anaesthesia

9-PDCC in Pain Management

10- PDCC in Thoracic Surgery

11- PDCC in Reproductive Medicine

12- PDCC in Gynaeco Oncology

13- PDCC in Clinical Hematology

कुलपति ने बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2019 में एम0डी/एम0एस0 में 69 सीटें तथा डी0एम0/एम0सी0एच0 में 14 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में क्लीनिकल शिक्षण-प्रषिक्षण, शोध कार्यों के परिवर्धन के लिए वर्ष 2017 से अब तक 33 राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थानों से एम0ओ0यू0 सम्पादित किया गया है जिसमें से वर्ष 2019 में 7 संस्थानों (2 अन्तर्राष्ट्रीय-मॉनीटोबा यूनिवर्सिटी, कनाडा एवं जेनोमिक मेडिसिन फाउन्डेशन, यू0के0, 3 राष्ट्रीय-मैक्स सेन्टर फॉर लि‍वर एण्ड बिलेरी साइन्सेज़, नई दिल्ली, नेशनल हेल्थ मिशन, उ0प्र0 एवं स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण निदेशालय तथा पावरग्रिड कारपोरशन ऑफ इण्डिया लि0,  2 राजकीय-वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्‍वविद्यालय, जौनपुर, भाऊराव देवरस सेवा न्यास, लखनऊ) से एम0ओ0यू0 सम्पादित किया गया है।

आउटरीच सेल अनेक स्‍थानों पर लगाता है शिविर

उन्होंने बताया कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के सोशल आउटरीच सेल द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा अन्य प्रदेशों के दूरस्थ क्षेत्रों, आदिवासी बस्तियों में अध्यासित असहाय जनमानस को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराये जाने के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से निरन्तर एवं निर्बाध रूप से निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया है जो कि संस्थान के लिए अत्यन्त ही उत्साहजनक एवं गौरवान्वित करने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने विगत वर्ष में सोशल आउटरीच सेल द्वारा किये गये कुछ महत्वपूर्णो कार्यों एवं उपलब्धियों को संक्षेप में जानकारी देते हुए बताया कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के सोशल आउटरीच सेल द्वारा नेशनल मेडिकल ऑर्गनाईजेशन, आरोग्य भारतीय, भाउराव देवरस सेवा न्यास एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से इस वर्ष उत्तर प्रदेश के 12 जिलों तथा जम्मू काष्मीर में ऋषि कष्यप स्वास्थ्य सेवा यात्रा, पूर्वोत्तर में धन्वन्तरि स्वास्थ्य सेवा यात्रा तथा दक्षिण के केरल एवं तमिलनाडु में ऋषि अगस्त स्वास्थ्य सेवा यात्रा के अन्तर्गत 120 से अधिक शिविरों के माध्यम से 80 हजार से अधिक आम-जनमानस को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श तथा औषधियों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि 2019 के प्रयागराज के कुम्भ मेले में निरन्तर 50 दिनों तक नेत्र कुम्भ शिविरों में दो नेत्र परीक्षण ओ0पी0डी0 तथा दो सामान्य रोग ओ0पी0डी0 चिकित्सा विश्‍वविद्यालय द्वारा आयोजित किये गये जिसके माध्यम से कुल 22000 व्यक्तियों का नेत्र परीक्षण तथा 15000 से अधिक लोगों को निःशुल्क चश्‍मे उपलब्ध कराये गये तथा सामान्य मेडिकल ओ0पी0डी0 में 20000 से ज्यादा मरीजों का परीक्षण तथा उपचार भाउराव देवरस सेवा न्यास, नेशनल मेडिकोज़ आर्गनाइजेशन तथा सक्षम संस्था के सहयोग से किया गया। साथ ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों/चिकित्सा महाविद्यालयों/चिकित्सालय एवं स्वयंसेवी संस्थाओं- नेशनल मेडिकोज़ आर्गनाइजेशन एवं आरोग्य भारती(अवध प्रान्त) के संयुक्त तत्वावधान में नेपाल के सीमावर्ती जिलों महाराजगंज, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, और बहराइच तथा थारू के जंगलों में अध्यासित थारू जनजाति एवं आम-जनमानस के लिए 6 दिसम्बर 2019 से दिनांक 8 दिसम्बर-2019 तक गुरू गोरक्षनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के अन्तर्गत चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के सोशल आउटरीच सेल के नेतृत्व में विश्‍वविद्यालय के चिकित्सकों एवं छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया। तीन दिवसीय इस महाआयोजन के अन्तर्गत 6 जिलों में 97 शिविरों में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के 250 चिकित्सकों एवं छात्रों द्वारा 25468 आम-जनमानस को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श तथा औषधियों का वितरण किया गया।

मां शारदालय का लोकार्पण होगा 15 फरवरी को

इस अवसर पर कुलपति ने बताया कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में अध्ययरत छात्रों द्वारा बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित की जाने वाली सरस्वती पूजन में सरस्वती प्रतिमा की स्थापना तथा इसके विसर्जन के दृष्टिगत होने वाली कठिनाइयों तथा पर्यावरण के संरक्षण के परिप्रेक्ष्य में चिकित्सा विश्‍वविद्यालय परिसर में  कार्यपरिषद के अनुमोदनोपरान्त मां शारदालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मां शारदालय में मां सरस्वती के साथ ही भगवान धन्वन्तरि (स्वास्थ्य के ईष्ट) की प्रतिमा को स्थापित किया जाना है। मां शारदालय का निर्माण शीघ्र ही पूर्ण हो जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मां शारदालय का लोकापर्ण कार्यक्रम 15 फरवरी को होना सुनिश्चित हुआ है। इस पावन अवसर पर डा0 वीरेन्द हेगड़े, धर्माधिकारी, श्री क्षेत्र धर्मस्थल, कर्नाटक द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति होने की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता किये जाने की प्रबल सम्भावना है।

कुलपति ने बताया कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के ट्रॉमा सेन्टर में हंस फाउन्डेशन के वित्तीय सहयोग से संचालित के0जी0एम0यू0 कम्यूनिटी आई बैंक के अन्तर्गत वर्ष 2019 मे 761 कार्निया प्रत्यारोपण तथा 1409 कार्निया रिट्रीवल किया गया। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में संचालित सेन्टर फॉर एडवान्स स्किल्‍स डेवलेपमेन्ट जो कि प्रदेश का एकमात्र चिकित्सा शिक्षा संस्थान का कौशल विकास केन्द्र है, के द्वारा उत्तर प्रदेश, देश के अन्य प्रदेशों एवं विदेशों के चिकित्सकों, नर्सेज़ तथा पैरामेडिकल कर्मियों के कौशल को विकसित किये जाने की क्रिया संचालित हो रही है जिससे कि ये सभी उत्कृष्ट एवं त्रुटिहीन चिकित्सकीय एवं पैराचिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कर सकें। वर्ष 2019 में इस कौशल केन्द्र के द्वारा 1087 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें से 345 चिकित्सक, 30 नर्सेज़ तथा  712 पैरामेडिकल कार्मिकों सम्मिलित हुए।

इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा विश्‍वविद्यालय द्वारा मरीजों के हित में भविष्य में जो नवीन परियोजनाओं से आमजन को अवगत कराते हुए बताया कि इन योजनाओं का लाभ निकट भविष्य में लाभ मरीजों को प्राप्त हो सकेगा।

1-   एन0एच0एम0 की योजनान्तर्गत क्वीन मेरी चिकित्सालय परिसर में 100 शैयायुक्त एम0सी0एच0 विंग का निर्माण प्रगति पर है।

2-   शासन के अनुदान से कार्डियोलॉजी भवन के विस्तार तथा मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा सांसद संजय सेठ तथा सांसद जया बच्चन द्वारा सांसद निधि से प्रदत्त वित्तीय अनुदान से कार्डियो विभाग में 20 बिस्तरों की क्षमता के आई0सी0यू0 का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।

3-   ऑर्गन ट्रान्सप्लान्ट आई0सी0यू0 की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है जिसके अन्तर्गत लि‍वर ट्रांसप्लान्ट को सर्जिकल गैस्ट्रोइण्ट्रोलॉजी विभाग तथा किडनी ट्रांसप्लान्ट को यूरोलॉजी विभाग में संचालित किये जाने के लिए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों का सृजन शासन स्तर पर कराये जाना प्रक्रियाधीन है।

4-   चिकित्सा विश्‍वविद्यालय में सेन्टर फॉर एडवान्स स्किल डेवलेपमेन्ट की स्थापना एवं संचालन के लिए पदों का सृजन शासन स्तर पर कराया जाना प्रक्रियाधीन है।

4-   जनपद बलरामपुर में चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के पर्यवेक्षण में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर के अन्तर्गत 300 बिस्तरों की क्षमता के चिकित्सालय का निर्माण प्रगति पर है जिसकी सेवायें शीघ्र ही जनपद बलरामपुर में अध्यासित आम-जनमानस को उपलब्ध हो जायेगी।

इस अवसर पर चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के प्रति-कुलपति, प्रो0 जी0पी0 सिंह, कुलानुशासक प्रो0 कुशवाहा, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 आर0 के0 सिंह, सभी संकाय के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 एस0एन0संखवार, अधीक्षक, उप अधीक्षक, कुलसचिव, वित्त अधिकारी तथा विश्‍वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण, संकाय सदस्य, छात्र एवं कर्मचारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।