एक बार फि‍र चर्चा में आया प्रकृति के साथ सद्भाव सुनिश्चित करने का महत्‍व

आईआईटीआर में मनाया गया सीएसआईआर का स्‍थापना दिवस

लखनऊ। भारत के उत्तर और दक्षिण दोनों क्षेत्रों में प्रकृति के क्रोध को उजागर करने वाली हालिया घटनाओं और इसके कारण होने वाले विनाश के कारण प्रकृति के साथ सद्भाव सुनिश्चित करने का महत्व एक बार फिर चर्चा का केंद्र बिंदु बन गया है। हाल में आयी बाढ़ ने प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन की आवश्यकता पर पुनः बल दिया है।

 

यह बात आज बुधवार को सीएसआईआर की इकाई भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर), लखनऊ में सीएसआईआर के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सतीश आर. वाटे, पूर्व निदेशक, सीएसआईआर-एनईईआरआई (नीरी), नागपुर एवं अध्यक्ष, भर्ती एवं आकलन बोर्ड, सीएसआईआर, नई दिल्ली ने अपने व्‍याख्‍यान में कहीं। व्‍याख्‍यान का विषय “जल संसाधन प्रबंधन में चुनौतियां’” था।

 

इस मौके पर संस्‍थान की मुख्‍य वैज्ञानिक डॉ. पूनम कक्कड़ ने मुख्य अतिथि को सीएसआईआर द्वारा विकसित तकनीक से संरक्षित पुष्प प्रदान कर स्वागत किया। डॉ. सतीश आर. वाटे ने हाल में आयी  बाढ़  ने प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन की आवश्यकता पर पुनः बल दिया है। टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन पर कई दशकों से विचार-विमर्श हुआ है लेकिन मूल प्रश्न अभी भी बना हुआ है, भले ही यह जल की कमी हो या उपलब्ध जल संसाधनों का अनुचित उपयोग। उन्होंने आगे कहा कि तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से जल की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पुनर्चक्रण (रीसाइकल),  पुन: उपयोग और प्रभावी वितरण पर केंद्रित एक व्यावहारिक प्रबंधन योजना लागू की जानी चाहिए।

 

समारोह की अध्‍यक्षता अध्यक्ष, निदेशक मंडल, बायोटेक कंसोर्टियम इंडिया लिमिटेड, व पूर्व निदेशक केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), लखनऊ डॉ. वीपी काम्बोज ने की।  उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत ने विविध क्षेत्रों में जबरदस्त प्रगति की है, लेकिन हम समाज के सभी स्तरों पर पेयजल की सार्वभौमिक उपलब्धता की मूलभूत आवश्यकता की ओर आवश्यक ध्यान नहीं दे पाए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आईआईटीआर जल निकायों(वॉटर बाडीज़) का देशव्यापी सर्वेक्षण करेगा और प्राप्त जानकारी का प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन के लिए रणनीति बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा।

 

इस अवसर पर डॉ. वाटे ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया । प्रदर्शनी में जल विश्लेषण किट, जलशोधन के लिए ओनीर, सीडी स्ट्रिप, आर्जिमोन जाँच किट सहित आईआईटीआर द्वारा विकसित अनेक प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। संस्थान लखनऊ के छात्रों और नागरिकों के लिए खुला था,  ताकि वे आधुनिकतम अनुसंधान एवं विकास के बारे में जानकारी प्राप्त कर  लाभ उठा सकें। प्रदर्शनी में अनेक वैज्ञानिक उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया । इस प्रदर्शनी को देखने के लिए विभिन्न स्कूल एवं कॉलेज के लगभग 150 छात्र आए।

 

इस अवसर पर 25 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले स्टाफ़ को सीएसआईआर लोगोयुक्त घड़ी और 31 अगस्त, 2018 तक सेवा निवृत होने वाले स्टाफ़ को शॉल और प्रमाण पत्र प्रदान कर संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के उपस्थित सेवानिवृत स्टाफ के प्रति संस्थान की ओर से आभार भी व्यक्त किया गया। स्टाफ के बच्चों हेतु आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार भी दिए गए। डॉ. डी.कार चौधुरी, मुख्य वैज्ञानिक, आईआईटीआर एवं संयोजक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।