Thursday , November 18 2021

दुरूह क्षेत्रों में चिकित्‍सा सेवा करने गये केजीएमयू के मेडिकोज सम्‍मानित

जलियावाला बाग हत्‍याकांड के सौ वर्ष होने पर आयोजित किये गये अनेक कार्यक्रम

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में स्वामी विवेकानंद यूथ ऑफ मेडिकोज एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में जलियावाला बाग हत्याकांड के सौ वर्ष पूरे होने पर 12 एवं 13 अप्रैल को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये।

 

इस श्रृंखला में सबसे पहले चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच एक वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने अनुबन्ध के बारे में विचार रखा। इस प्रतियोगिता में MBBS प्रथम वर्ष के छात्र अरुणेश कुमार ने प्रथम स्थान, लक्ष्या मौर्या ने द्वितीय स्थान एवं अक्षिता एवं शुभांषी दिक्षित ने संयुक्त रुप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल की मुखिया के तौर पर एनाटमी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो पुनिता मानिक उपस्थित रहीं। वाद विवाद प्रतियोगिता के अन्त में उन्होंने कहा की देश में हर जरूरतमंद तक इलाज पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसमें डॉक्टरों और सरकार को मिलकर काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा देना सरकार का काम है जबकि वहां पर अच्छी सेवा देना डाक्टरों का कार्य है।

इसी क्रम में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन अवध प्रांत की तरफ से उन चिकित्सकों एवं चिकित्सा छात्रों का सम्मान किया गया जो जम्मू-कश्मीर, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों एवं दक्षिण भारत के आदिवासी बहुल क्षेत्र वायनाड में सेवा कार्य करने के लिए अपना समय दिया था। कार्यक्रम संयोजक विवेक सोनी ने बताया कि इस वर्ष किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के 27 चिकित्सकों एवं छात्रों ने जम्मू एवं कश्मीर के ग्रामीण एवं बॉर्डर के इलाकों में लगभग 2500 मरीजों का निःशुल्क इलाज किया। इसी प्रकार केरल के वायनाङ तथा कन्याकुमारी में 5 चिकित्सकों ने लगभग 600 मरीजों का उपचार किया। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 11 चिकित्सक एवं चिकित्सा छात्रों का दल गया था जिसने लगभग 1500 मरीजों का निःशुल्क इलाज किया।

 

इस मौके पर इन सेवा यात्राओं में भाग लेने वाले छात्रों ने अपना अनुभव बताया। कश्मीर में अपनी सेवा देने वाली अदिति सिंह ने बताया कि हम यहां पर रहकर इन स्थानों की वास्तविकता नहीं जान सकते। वहां के लोगों के अन्दर भी उतनी ही भारतीयता है जितनी हम सबके अन्दर है। पूर्वोत्तर भारत में आसाम के आदिवासी क्षेत्रों में अपनी सेवा देने वाली छात्रा इंजिला फातिमा ने वहां की समस्याओं पर प्रकाश डाला।

 

समारोह के पहले दिन जलियांवाला बाग हत्याकांड को लेकर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में कुलपति प्रो एम एल बी भट्ट उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जलियावाला बाग हत्याकांड के बारे नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के सचिव डॉ भूपेन्द्र सिंह के द्वारा एक प्रजेन्टेशन दिया गया जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार जनरल डायर ने मात्र 10 मिनट में 1650 राऊंड फायर करके एक हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली और अभी कुछ दिन पहले भी ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा ने इस घटना को शर्मनाक बताया। इस अवसर पर यह भी चर्चा हुई कि इस हत्याकांड का ब्रिटेन में जाकर बदला लेने वाले वीर शहीद उधम सिंह के नाम पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्रों ने उसी समय एक स्तंभ बनवाया था।

कार्यक्रम के अंत में जलियावाला बाग हत्याकांड में शहीद हुए सेनानियों के लिए एक संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की गयी जिसका नेतृत्व MBBS के छात्र शान्तनु शांडिल्य एवं गौरांग ने किया। इसके अतिरिक्‍त श्रद्धांजलि स्वरूप विश्वविद्यालय के ब्लडबैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के आयोजक अनुराग अग्रवाल एवं मेधा राय ने बताया कि इस कैम्प में कुल 70 छात्र-छात्राओं ने रक्तदान किया। साथ ही साथ यह भी बताया की स्वामी विवेकानंद यूथ आफ मेडिकोज द्वारा वर्ष में तीन बार इस तरह के रक्तदान शिविर लगाये जाते हैं जिसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं बङे उत्साह से भाग लेते हैं।

 

इसी के साथ जलियांवाला बाग हत्याकांड विषय पर एक पेन्टिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। आयोजनकर्ता आशुतोष चौहान एवं शिवांश सारस्वत ने बताया कि इस प्रतियोगिता में बड़े उत्साह से छात्र-छात्राओं ने भाग लिया एवं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्रमशः शिवानी गौतम, अमन गुप्ता एवं आयुषी डागर रहे।