एक्‍सक्‍लूसिव : अस्‍पतालों में दवा उपलब्‍ध न होने पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री गंभीर, होगी समीक्षा

नव नियुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह से विशेष बातचीत
दवाओं को लेकर ड्रग कॉर्पोरेशन और अस्‍पतालों में खामियों को दूर किया जायेगा

पद्माकर पाण्‍डेय पद्म

लखनऊ। अस्पतालों में मरीजों को सभी दवाएं सहजता से नहीं मिल रहीं हैं, इसके लिए दवा उपलब्धता की प्रक्रिया की नये सिरे से समीक्षा की जायेगी। देखा जायेगा कि ड्रग कॉर्पोरेशन और अस्पतालों में कहां खामियां हैं। उन्हें दूर किया जायेगा ताकि अस्पतालों में प्रत्येक मरीज को जरूरत की सभी दवाएं सहजता से उपलब्ध हों। केवल दवा की उपलब्धता ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग व परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की समीक्षा की जायेगी ताकि सरकार के उद्देश्यों को आम जनता तक पहुंचाया जा सके। यह बात नवनियुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री और परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने विशेष बातचीत में कही।

जय प्रताप सिंह

जय प्रताप सिंह को मुख्‍यमंत्री ने चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग की जिम्‍मेदारी अभी हाल ही में पिछले दिनों सौंपी है। इससे पहले यह विभाग सिद्धार्थनाथ सिंह के पास था। अब तक आबकारी मंत्री रहें, जय प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने, प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं वाले महकमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग जैसे अत्यंत दो बड़े व महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्‍मेदारी दी है। नये विभागों के आवंटन के बाद पहले दिन विधानभवन स्थित कार्यालय में श्री सिंह ने, स्पष्ट कहा कि नया विभाग मिला है, विभाग के अंदर गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों द्वारा लेने के बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा। रही बात अस्पतालों में जरूरत की सभी दवाओं की उपलब्धता नहीं है तो अधिकारियों से फीड बैक लिया जायेगा।

जन औषधि केंद्रों पर जेनरिक दवाओं की उपलब्‍धता की भी होगी समीक्षा

उन्होंने बताया कि दवा उपलब्धता के लिए इस सरकार में नई व्यवस्था के तहत ड्रग कॉर्पोरेशन की स्थापना हुई है और वही प्रदेश के समस्त अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध कराता है, नई व्यवस्था स्थापित होने में कुछ अवरोध आते हैं, जिन्हें अधिकारियों के साथ बैठकर समाधान किया जायेगा। इसके अलावा जन औषधि केन्द्रों पर जेनरिक दवाएं नहीं मिलती हैं, के सवाल पर उन्होंने कहा कि समीक्षा के बाद ही बोल सकूंगा।  उन्होंने सरकारी चिकित्सकों की अधिवर्षता आयु बढ़ाये जाने के सवाल पर कहा कि मिल-बैठकर, चिकित्सकों की कमी को दूर करने का रास्ता अपनाया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, बेहतर योजना है अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों, इसके लिए सभी अस्पताल प्रशासकों को प्रेरित किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि परिवार कल्याण विभाग में नेशनल हेल्थ मिशन की तमाम जनउपयोगी योजनाएं संचालित हो रही हैं, हर योजना का समाज को बहुत लाभ है। यह योजनाएं धरातल पर आम जन को सहज मिलती रहें, यहीं प्राथमिकता होगी हमारी।

श्रुति सिंह

दवाएं नहीं मिल रहीं है तो अस्पताल प्रशासन शिकायत करे : श्रुति सिंह

यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन की निदेशक श्रुति सिंह का कहना है कि प्रदेश भर के अस्पतालों से जो भी दवाओं की डिमांड आती है उन्हें समय रहते उपलब्ध करा दी जाती है। मरीजों के दवाएं नहीं मिलने के सवाल पर उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा बैठक में कभी भी कोई कमी नहीं दर्शायी जाती है। उनसे सवाल किया गया कि सरकार द्वारा अस्पतालों में औषधि के नाम पर पहुंचने वाला समस्त बजट, अस्पताल से हटाकर ड्रग कार्पोरेशन को मुहैय्या करा दिया गया है। भारी भरकम बजट प्राप्त करने के बाद मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराना कार्पोरेशन की जिम्मेदारी है, फिर भी समस्त दवाओं की खरीद न होना, अस्पतालों की डिमांड पूरी न करना आदि खामियों के जवाब में निदेशक का कहना है कि कार्पोरेशन कार्य कर रहा है, विभागीय शिकायत आने पर कार्यवाही की जायेगी, रही बात डिमांड न पूरी होने की तो जांच कराने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है। ड्रग कार्पोरेशन की निदेशक के दावे के विपरीत,  उदाहरण के लिए अगर बात करें तो अस्पताल के अधिकारी का कहना है कि चर्म रोगों में कई तरह के मलहम की जरूरत होती है अस्पतालों में, कार्पोरेशन ने अब तक केवल एक मलहम उपलब्ध कराया है ।