बढ़ते संक्रमण में कर्मचारियों को लेकर पूर्व की व्‍यवस्‍था के आदेशों को पुन: जारी करने की मांग

-राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद, उत्‍तर प्रदेश ने की कोविड ड्यूटी वालों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने की भी मांग

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो  

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र ने मुख्‍य सचिव से मांग की है कि कोविड संक्रमण के तेजी से बढ़ने की स्थिति में किये गये पूर्व के शासनादेशों जिसमें भुगतानयुक्‍त अवकाश और 50 प्रतिशत की उपस्थिति जैसे निर्देशों को फि‍र से जारी किया जाना चाहिये जिससे उसके क्रियान्‍वयन में अड़चन न हो। परिषद ने चुनाव आयो‍ग से भी मांग की है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड में लगी हुई है, उनकी ड्यूटी चुनाव में न लगायी जाये।

महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री,  मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित कर मांग की कि प्रदेश में एक बार फिर से कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के सचिवालय सहित विभिन्न विभागों के कार्यालयों में कोविड-19 संक्रमित कर्मचारियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। सरकार द्वारा इस संबंध में एहतियात के उपाय किए जा रहे हैं। इस क्रम में संक्रमित कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा जारी शासनादेश 20 मार्च 2020 के अनुसार 28 दिन का भुगतान युक्त अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे। परन्तु परिषद के संज्ञान में आया है कि कतिपय जनपदों में अधिकारियों द्वारा पूर्व के शासनादेश को न मानते हुए अवकाश नहीं दिया जा रहा है। इसलिए पुनः एक दिशा निर्देश जारी करने से समस्या उत्तपन्न नहीं होगी।

श्री मिश्रा ने पत्र के माध्यम से यह भी मांग की कि पूर्व में सरकारी कार्यालयों में सामाजिक दूरी कम करने हेतु 50% उपस्थिति की व्यवस्था की गई थी क्योंकि सभी कार्यालयों में ज्यादा उपस्थिति होने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना संभव नहीं होता। कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए कृपया कार्यालयों में पूर्व की भांति 50% उपस्थिति रखने के निर्देश जारी करें ।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा व उपाध्यक्ष सुनील यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र प्रेषित कर वर्तमान में कोविड-19 का प्रसार को दर्शाते हुए चिकित्सालयों में कार्यरत विभिन्न पैरामेडिकल कर्मी यथा फार्मेसिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्सेज, एक्सरे टेक्नीशियन, प्रयोगशाला सहायक, बेसिक हेल्थ वर्कर महिला/पुरुषआदि की ड्यूटी कोविड-19 के उपचार में लगाई गई है।

वर्तमान में वैक्सीनेशन भी सरकार की प्राथमिकता में है,  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला चिकित्सालय तक वैक्सीनेशन हो रहा है जिसमें सभी की ड्यूटी लगी हुई है।

आप द्वारा पूर्व में ही ऐसे निर्देश दिए गए हैं कि चिकित्सा कर्मियों की इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए चुनाव ड्यूटी न लगाई जाए, लेकिन जनपदों में कुछ ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने का मामला प्रकाश में आया है जिसमें पैरामेडिकल की निर्वाचन डयूटी लगाई गई है, जैसे कन्नौज मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है।

 इसलिए पुनः एक स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करें जिससे आकस्मिक सेवाएं, कोविड-19 का उपचार और कोविड-19 वैक्सीनेशन आदि जनहित के अनिवार्य कार्य प्रभावित न हों। नेताद्वय ने कहा कि प्रदेश का लाखों कर्मचारी आम जनता व सरकार के साथ खड़ा है साथ ही सभी से कोविड 19 प्रोटोकॉल को पूरी तरह अपनाने की सलाह दी है।