सावधान! ये स्‍थान किशोरियों व महिलाओं के लिए हो सकते हैं असुरक्षित

-घरेलू हिंसा, यौन अत्‍याचार जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलीं किशोरी व महिलाएं

-आधी आबादी ने जिलाधिकारी से रू-ब-रू होकर मांगा पूरा हक

मनोज राय

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। सूबे की महिलाओं व किशोरियों ने बुधवार को अपने जिलाधिकारी से सीधे हक की बात की। मिशन शक्ति अभियान के तहत हुये इस आयोजन में अधिकांश महिलाओं और बालिकाओं ने स्थानीय मुद्दों के साथ घरेलू हिंसा और यौन अत्याचार जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की, साथ ही कई सुझाव भी दिये। अधिकारियों ने कई शिकायतों का निस्तारण तत्काल किया तो कुछ मामलों में आवश्यक निर्देश भी दिये।

यह जानकारी देते हुए निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश मनोज राय ने बताया है कि उत्तर प्रदेश में बुधवार का दिन आधी आबादी के नाम रहा। अधिकांश जिलों में सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच महिलाएं व किशोरियां अपने जिलाधिकारी से रू-ब-रू हुईं। यह आयोजन कुछ जनपदों में ऑनलाइन तो कहीं ऑफलाइन हुआ। आयोजन के दौरान महिलाओं और किशोरियों ने खुलकर अपने हक की बात की। कन्नौज में स्थानीय महिला और बालिकाओं ने जिलाधिकारी से अपनी समस्याएं बताईं। सीधे हक की बात कार्यक्रम में दहेज, आर्थिक समस्याओं और शिक्षा का मुद्दा भी उठा। वहीं फतेहपुर की डीएम ने वेबनार में शामिल महिलाओं और महिला कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। कासगंज की महिलाओं ने कहा कि इस आयोजन से महिलाओं को अपनी समस्याओं को उचित फोरम पर उठाने का मौका मिला वहीं हिचक भी दूर हुई। वहीं पोषण और स्वास्थ्य समस्या पर सुनवाई न होने के सवाल को डीएम ने गंभीरता से लिया और अपने पास सीधे संपर्क करने के लिए कहा। महराजगंज के डीएम डॉ उज्ज्वल कुमार ने कहा कि महिलाओं तभी सशक्त बन सकती हैं जब वह स्वावलम्बी होंगी। इसके लिए स्वरोजगार अपनाना होगा। विभिन्न क्षेत्रों में जैसे सिलाई,कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।

ज्ञात हो कि प्रदेश में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए चलाये जा रहे ‘मिशन शक्ति’ को हर माह अलग थीम पर मनाने की योजना बनी है। इस माह की थीम- ‘मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक मुद्दों से सुरक्षा और सपोर्ट’ तय की गयी है। महिला कल्याण विभाग ने मिशन शक्ति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इसे चलाया गया है। इससे पहले अभियान के तहत किशोर-किशोरियां स्थानीय अधिकारियों से ‘शक्ति संवाद’ के तहत अपनी बात रख चुके हैं।

महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए शासन प्रतिबद्ध : निदेशक

मनोज राय, निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए शासन प्रतिबद्ध है। इसके लिए शारदीय नवरात्र 2020 से वासंतिक नवरात्रि 2021 तक मिशन शक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एवं उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं।

महिलाओं व किशोरियों के लिए ये स्‍थान हो सकते हैं असुरक्षित

– विद्यालय के पास शराब की दुकान

– विद्यालय के समय आस-पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

– किसी घर में महिला या बच्चे के साथ किसी प्रकार की हिंसा होना

– आने-जाने वाले रास्ते में लाइट न होने से अंधेरे में असुरक्षित माहौल

– विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय, भेदभाव रहित वातावरण का न होना

– घरों में शौचालय की व्यवस्था का न होना