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वायु प्रदूषण एक वैश्विक आपातकाल, तुरंत सभी को एकसाथ लाने की जरूरत

विश्‍व पर्यावरण दिवस पर सीएसआईआर-आईआईटीआर में आयोजित हुआ समारोह

लखनऊ। वायु प्रदूषण एक वैश्विक आपातकाल की तरह हर किसी को प्रभावित कर रहा है। इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर समुदायों, व्यक्तियों, सरकारी एजेंसियों और समाज को एक साथ लाने की तत्काल आवश्यकता है। दुनिया भर के शहरों और क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए अक्षय ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकियों के विभिन्न स्रोतों को टैप करने की आवश्यकता है। देश के प्रमुख विषविज्ञान संस्थान, सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (सीएसआईआर-आईआईटीआर) लखनऊ में आज आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में इस विषय पर विचार किया गया।

 

 

सीएसआईआर-आईआईटीआर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ डी कार चौधुरी ने सभा का स्वागत किया और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1974 में अपनी स्थापना के बाद से विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के वार्षिक आयोजन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का विषय “वायु प्रदूषण की रोकथाम” है। समारोह के एक भाग के रूप में विंग कमांडर परमवीर सिंह द्वारा 23वां डॉ सी आर कृष्णमूर्ति मेमोरियल व्याख्यान दिया गया। विंग कमांडर परमवीर सिंह भारतीय वायु सेना अधिकारी हैं, जो कि वर्तमान में स्वच्छ गंगा, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प के लिए राष्ट्रीय मिशन में कार्यरत हैं। एडवेंचर स्पोर्ट्स एथलीट विंग कमांडर परमवीर सिंह के नाम 13 विश्व, 3 एशियाई और 7 राष्ट्रीय रिकॉर्ड्स हैं, जो कि किसी भी भारतीय के पास नहीं हैं। खुले पानी के तैराक विंग कमांडर परमवीर सिंह ने गंगा नदी के पूरे विस्तार को पहली बार तैरकर ऐतिहासिक यात्रा पूरी की और यह कहा कि हर व्यक्ति अपने तरीके से इस स्वच्छ गंगा के लिए अपना योगदान दे सकता है। उन्होंने स्वच्छ भारत, नमामि गंगे और बेटी पढाओ-बेटी बचाओ अभियानों के लिए भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

अपने अध्यक्षीय संबोधन में सीएसआईआर-आईआईटीआर के निदेशक, प्रोफेसर आलोक धावन ने कहा कि विंग कमांडर परमवीर सिंह द्वारा दिया गया “गंगा आह्वान” विषयक व्याख्यान,  पर्यावरणीय विषविज्ञान और जैव अवक्रमण के क्षेत्रों में स्वयं अग्रणी रहे डॉ सी आर कृष्णमूर्ति को सच्ची श्रद्धांजलि‍ है। प्रोफेसर धावन ने श्रोताओं की युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे व्याख्यान से प्रेरणा लें और दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने की दिशा में अपना योगदान देने का प्रयास करें। इससे पहले सीएसआईआर-आईआईटीआर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ एससी बर्मन ने डॉ सीआर कृष्णमूर्ति मेमोरियल व्याख्यान के बारे में तथा संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ सीआर कृष्णमूर्ति की प्रतिभा तथा वैज्ञानिक योगदान का परिचय दिया। इस अवसर पर लखनऊ शहर की पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन किया गया और चित्रकला प्रतियोगिता एवं क्विज़ प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिये गए। सीएसआईआर-आईआईटीआर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक ए एच खान ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।