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केजीएमयू के चिकित्‍सकों को मरीजों से अच्‍छे व्‍यवहार की सलाह

वेंटीलेटर यूनिट का विस्‍तार समेत छह परियोजनाओं की शुरुआत

 

लखनऊ। केजीएमयू के चिकित्सकों को मरीज और तीमारदारों के साथ हमेशा संवेदनशील व्यवहार रखना चाहिये। हालांकि कुछ तीमारदार अस्पताल में कठोर शब्दों का प्रयोग करते हैं जिससे स्थिति बिगड़ जाती है, बावजूद चिकित्सकों को सब्र करना चाहिये और शांति पूर्वक परिवारीजनों को समझाना चाहिये। यह बात गुरुवार को केजीएमयू के ब्राउन हाल में वेंटीलेटर यूनिट के विस्तार समेत छह परियोजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन गोपाल ने कही ।

 

केजीएमयू को देश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान बताते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि यहां पर बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं मरीजों को मिलती हैं, इन्हें और बढ़ाये जाने का प्रयास रहता है। कुलपति प्रो.एमएलबी भटट् ने कहा कि नई परियोजनाओं के शुरू होने से मरीजों की सुविधाएं बढ़ऩे के साथ ही शैक्षिक व शोध कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने 50 नये वेंटीलेटर शुरू होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी वेंटीलेटर यूनिट केजीएमयू में संचालित होती है। नये वेंटीलेटर में 14 वेंटीलेटर और छह एचडीयू में संचालित होंगे। उन्होंने बताया कि क्वीनमैरी में 23 करोड़ की लागत से 100 बेड का एमएसएच विंग का उद्घाटन किया जाना सराहनीय है। लारी में मल्टीलेविल पार्किंग और सीवीटीएस में 40 बेड के विस्तार को बेहतर बताया। कार्यक्रम का संचालन ट्रामा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो.संदीप तिवारी ने किया, सीएमएस प्रो.एसएन संखवार, प्रो.सूर्यकांत, कार्डियोलॉजी के डॉ.वीएस नारायण,  प्रो.अनूप वर्मा और सीवीटीएस के प्रो.एस के सिंह समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

गुरुवार को जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई-

  • शताब्दी चिकित्सालय फेज-2 में सुपरस्पेशियलटी पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अंतर्गत वेन्टीलेटर यूनिट, 14 वेन्टीलेटर तथा 6 हाई डेपेडेंसी यूनिट का संचालन आरम्भ।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्र्तगत 23 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से क्वीन मेरी चिकित्सालय परिसर में 100 शैय्यायुक्त एमसीएच विंग के ए-ब्लॉक का उद्घाटन हुआ, इससे क्वीन मेरी को 100 नए बेड उपलब्ध हो गए।
  • लारी कार्डियोलॉजी विभाग के परिसर में 47 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से बनी मल्टीलेवेल पार्किंग का शुभारम्भ हुआ, जिसके उपरांत लारी कार्डियोलॉजी विभाग में आने वालों को 160 चार पहिया वाहनों की पार्किंग की सुगम व्यवस्था उपलब्ध होगी।
  • फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के नव निर्मित विंग का लोकार्पण हुआ, 4 करोड़ 74 लाख रूपए की लागत से बनी इस विंग में नए शोध हो सकेंगे और इससे शोध छात्रों को लाभ होगा।
  • सीवीटीएस विभाग में 17 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त तल का शिलान्यास हुआ, वर्तमान में थोरेसिक एवं वस्कुलर सर्जरी भवन अधोतल, भूतल एवं तीन मंजिला भवन में हृदय रोग से संबंधित मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था संचालित की जा रही है, जो मरीजों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त नहीं थी। एक अतिरिक्त तल के निर्मित हो जाने से थोरेसिक एवं वस्कुलर सर्जरी भवन में 40 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे।
  • आरएएलसी परिसर में 12 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 36 भवनों के टाइप-1, आवास ब्लॉक-बी का लोकार्पण।