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केजीएमयू में लगी अत्याधुनिक एमआरआई मशीन से इलाज की दिशा तय करने में भी मिलेगी मदद

-रेडियोडायग्नोसि​स विभाग में उन्नत एमआरआई और सीटी स्कैनर मशीनों का उद्घाटन

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के रेडियोडायग्नोसिस विभाग (शताब्दी फेज 1) ने आज 11 जुलाई को अपने नए अत्याधुनिक 3T एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक तकनीक वाली इस एमआरआई मशीन से अब न ​सिर्फ शरीर के अंदर के ऑर्गन बल्कि शरीर में होने वाली प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी मिलेगी जो कि उपचार की दिशा तय करने में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी। दोनों मशीनों का उद्घाटन कुलपति, प्रो. सोनिया नित्यानंद, और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के ग्लोबल डेवलपमेंट डिवीजन के अध्यक्ष, डॉ. क्रिस एलियास की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

15 वर्षों की लम्बी प्रतीक्षा के बाद मिली एमआरआई मशीन

यह जानकारी देते हुए रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रमुख, प्रो. अनित परिहार, ने बताया कि एमआरआई और सीटी स्कैनर की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। कई वर्षों और कई बाधाओं को पार करने के बाद, हमने आखिरकार यह मील का पत्थर हासिल कर लिया है। आज का दिन एक उत्सव का है, और उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पूरे विभाग को बधाई दी। उन्होंने बताया कि रेडियोडायग्नोसिस विभाग के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हमें 15 साल बाद पहली एमआरआई मशीन मिली है, जो पुरानी 1.5T मॉडल की जगह लेगी जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत संचालित होती थी। इसके साथ ही, हमने 160-स्लाइस सीटी स्कैनर का भी उद्घाटन किया है।

उन्होंने कहा कि नई 3T पूरे शरीर की एमआरआई मशीन, जो हमारे पिछले यूनिट (1.5T) की चुंबक शक्ति को दोगुना करती है। इस उन्नति, बेहतर ग्रेडिएंट्स, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सुधारों के साथ, शरीर रचना और विकृति की उत्कृष्ट दृश्यता की अनुमति देती है। सुधारित समय संकल्प स्कैन समय और रोगी की असुविधा को कम करता है जबकि मस्तिष्क की परफ्यूजन और सक्रियण, हृदय की कार्यक्षमता, प्रवाह, संकुचन, परफ्यूजन और इन्फार्क्शन जैसी शारीरिक प्रक्रियाओं की बेहतर इमेजिंग प्रदान करता है। यह शरीर की इमेजिंग क्षमताओं को भी काफी हद तक सुधारता है।

यह एमआरआई मशीन स्तन कैंसर, एंडोमेट्रियल और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, सिर और गर्दन के कैंसर और अन्य कैंसर का पता लगाने और स्टेजिंग में उत्कृष्ट है, जो मेटास्टेसिस और मायलोमा की पहचार के लिए पूरे शरीर का व्यापक आकलन करने की सुविधा देेती है। महत्वपूर्ण रूप से, यह गैर-संवेदनशील पेरिफेरल और रीनल एंजियोग्राफी की अनुमति देती है, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) रोगियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्नत अनुसंधान क्षमताओं और अनुसंधान समझौतों से हमें अपनी जनसंख्या की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम बनाएंगे।

प्रत्यारोपण रोगियों के लिए लाभदायक है नयी सीटी स्कैन मशीन

उन्होंने बताया कि दूसरी मशीन कैनन एक्विलियन लाइटनिंग 160-स्लाइस अल्ट्रा हेलिकल सीटी स्कैनर हमारी इमेजिंग क्षमताओं को काफी हद तक सुधारता है। यह स्थापना एक प्रमुख मील का पत्थर है, जो प्रत्यारोपण रोगियों के लिए तेजी से इमेजिंग और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाओं का समर्थन करती है। यह यकृत और गुर्दा प्रत्यारोपण रोगियों और हाइपरएक्यूट स्ट्रोक रोगियों के प्रारंभिक स्कैनिंग के लिए नियंत्रित, निम्न संक्रमण जोखिम वाले वातावरण की पेशकश करती है। यह हमारी नियमित इमेजिंग, सीटी-गाइडेड बायोप्सी, और प्रत्यारोपण रोगियों के लिए विशेष देखभाल को बढ़ाता है।

इन नई स्थापना से केजीएमयू की विस्तृत नरम ऊतक, तंत्रिका संबंधी, और कैंसर संबंधी इमेजिंग क्षमताओं को बेहतरीन रिज़ॉल्यूशन और रोगी की सुविधा के साथ काफी हद तक सुधार होता है। ये विकास हमारे बेहतर रोगी स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान की प्रतिबद्धता के साथ संरेखित हैं। उद्घाटन समारोह में केजीएमयू और बाहर के विभिन्न संकाय सदस्य और प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए।

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