–एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भी 200 बेडों के साथ पूरी तरह से होगा मेन्टेन
-ऑर्गन ट्रांसप्लांट, शोध कार्य को बढ़ावा देना नये निदेशक की प्राथमिकता
-सुचारु रूप से कार्य के लिए खाली पड़े नियमित पदों पर की जायेगी भर्ती
-कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए चार बेड आरक्षित
सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में नये निदेशक ने प्राथमिकता के तौर पर इमरजेंसी में बेड की संख्या बढ़ाने, शोध कार्य बढ़ाने और खाली पड़े पदों पर भर्ती करने के साथ ही जरूरत के अनुसार नये पद सृजित करने के कार्य को रखा है। कोरोना वायरस पर उनका कहना था कि इसके लिए संस्थान में पहले से आरक्षित आइसोलेशन के 11 बेड में से चार को जरूरत पड़ने पर कोरोनावायरस के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट के कार्य को गति देने के प्रति अपनी गंभीरता दिखाते हुए निदेशक ने कहा कि हमारी कोशिश यह होगी कि कम से उत्तर प्रदेश के मरीजों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए इसे संस्थान में सुचारु रूप से शुरू किया जायेगा।
बीती 8 फरवरी को कार्यभार सम्भालने के बाद आज शुक्रवार को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ धीमान ने कहा कि गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती करने के लिए बेड की समस्या न हो, इसके लिए इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 210 और बेड उपलब्ध कराये जायेंगे, यही नहीं इन मरीजों की देखरेख के लिए 12 एमडी डॉक्टरों की भी नियुक्ति की जायेगी। इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गयी है, इसका क्रियान्वयन अगले साल 2021 तक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो या तीन माह में इमरजेंसी 20 से 30 बेड बढ़ाये जायेंगे। इसके अतिरिक्त पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 200 बेड की उपलब्धता के साथ सभी तरह की सुविधाओं को कार्यान्वित किया जायेगा।
डॉ धीमान ने कहा कि ट्रांसप्लांट के कार्य को गति देने के लिए किडनी, लिवर, हार्ट, पैंक्रियाज, टिश्यू आदि के ट्रांसप्लांट का कार्य उनकी प्राथमिकताओं में है, वे चाहते हैं कि इसे चंडीगढ़ पीजीआई की तरह सफलतापूर्वक चलाया जाये। ज्ञात हो डॉ धीमान इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही थे, और ट्रांसप्लांट का कार्य अपनी सीधी देखरेख में कर रहे थे। आपको बता दें कि डॉ धीमान ने उन्होंने एमबीबीएस यहां किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (अब केजीएमयू) से किया है तथा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में डीएम यहीं संजय गांधी पीजीआई से ही किया है।
डॉ धीमान ने कहा कि उनका मानना है कि जो नियमित कर्मचारी होते हैं उनकी स्ट्रेंथ पूरी होनी चाहिये, इसलिए खाली पड़े पदों को भरा जायेगा। उन्होंने आउटसोर्सिंग वाले कर्मचारियों की समस्याओं से भी सहमति जताते हुए कहा कि इनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि संविदा कर्मचारियों का उपयोग कार्य में मदद लेने में होना चाहिये।
डॉ धीमान ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को इलाज मुहैय्या कराने की दिशा में कार्य किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संदिग्धों की संभावना में स्वाइन लू, बर्ड फ्लू के लिए बनाये गये आइसोलेशन के 11 बेड में से 4 बेड आरक्षित कर दिये गये हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को बहुत ज्यादा भयभीत होने की जरूरत नहीं है, इसके होने वाली मौतों का प्रतिशत 2 है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन्स के अनुसार पूरी सुरक्षा के साथ संस्थान में चार बेड को आरक्षित कर दिया गया है।
