<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>salute to doctors &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
	<atom:link href="http://sehattimes.com/tag/salute-to-doctors/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>http://sehattimes.com</link>
	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
	<lastBuildDate>Tue, 10 Mar 2020 17:32:16 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.2.8</generator>

<image>
	<url>http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2021/07/st-150x150.png</url>
	<title>salute to doctors &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
	<link>http://sehattimes.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कोरोना वायरस : चिकित्‍सक और चिकित्‍सा से जुड़े लोगों को सलाम</title>
		<link>http://sehattimes.com/corona-virus-a-salute-to-doctors-and-medical-workers-news-in-hindi/18112</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[sehattimes]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2020 17:31:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[breakingnews]]></category>
		<category><![CDATA[Mainslide]]></category>
		<category><![CDATA[अस्पतालों के गलियारे से]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिकोण]]></category>
		<category><![CDATA[विविध]]></category>
		<category><![CDATA[Corona virus]]></category>
		<category><![CDATA[medical workers]]></category>
		<category><![CDATA[salute to doctors]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[चिकित्साकर्मियों को सलाम]]></category>
		<category><![CDATA[डॉक्टरों]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://sehattimes.com/?p=18112</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="300" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-150x150.jpg 150w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-45x45.jpg 45w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />-विपरीत परिस्थितियों में भी जज्‍बे के साथ कार्य करना प्रशंसायोग्‍य -दुनिया भर में फैली दहशत पर ‘सेहत टाइम्‍स’ के मन की बात धर्मेन्‍द्र सक्‍सेना लखनऊ। कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में दहशत छायी हुई है। राष्‍ट्रपति भवन में होने वाला होली मिलन समारोह रद हो चुका है,  प्रधानमंत्री सार्वजनिक होली मिलन में नहीं शामिल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="300" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-150x150.jpg 150w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-45x45.jpg 45w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><h5><span style="color: #0000ff;"><strong>-विपरीत परिस्थितियों में भी जज्&#x200d;बे के साथ कार्य करना प्रशंसायोग्&#x200d;य </strong></span></h5>
<h5><span style="color: #0000ff;"><strong>-दुनिया भर में फैली दहशत पर ‘सेहत टाइम्&#x200d;स’ के मन की बात</strong></span></h5>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="aligncenter size-full wp-image-11110" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/04/Doctors-1.jpg" alt="" width="300" height="242" /></p>
<p><strong>धर्मेन्&#x200d;द्र सक्&#x200d;सेना</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में दहशत छायी हुई है। राष्&#x200d;ट्रपति भवन में होने वाला होली मिलन समारोह रद हो चुका है,  प्रधानमंत्री सार्वजनिक होली मिलन में नहीं शामिल होंगे, अनेक संस्&#x200d;थाओं द्वारा आयोजित किया जाने वाला होली मिलन समारोह नहीं मनाये जाने का ऐलान किया जा चुका है। दुनिया भर की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था चरमरा रही है। अंतर्राष्&#x200d;ट्रीय सीमायें सील हैं। ताजा खबरों के अनुसार केरल में सिनेमा हॉल बंद कर दिये गये हैं, कहने का मतलब है कि कोरोना वायरस की दहशत कहें या उससे बचने के लिए सावधानी, नतीजा यह है कि सब अपनी-अपनी तरह से इससे बचने की कोशिश कर रहे है। मॉल, बाजारों में हमेशा से जो भीड़ रहती थी, इस बार होली पर भी नहीं दिखी, स्&#x200d;कूलों पर भी असर दिख रहा है, हर तरफ सतर्कता बरती देखी जा रही है, बचाव करना, सावधानी रखना एक अच्&#x200d;छा संकेत है कि हम जागरूक हो रहे हैं। लेकिन इन सभी खतरों और खतरों के माहौल के बीच एक समुदाय ऐसा भी है जो गंभीरता के साथ अपने सेवा कार्य में लगा है, और वह समुदाय है चिकित्&#x200d;सा क्षेत्र से जुड़ा समुदाय।</p>
<p>गंभीर से गंभीर मरीज जब पहली बार अस्&#x200d;पताल, क्&#x200d;लीनिक पहुंचता है तो उसे सबसे पहले एक चिकित्&#x200d;सक ही उसके पास जाकर, छूकर, जांचकर जैसी भी जरूरत होती है, उसे देखता है। विश्&#x200d;व स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य संगठन से कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद से चिकित्&#x200d;सक समुदाय की जिम्&#x200d;मेदारी और बढ़ चुकी है। अच्&#x200d;छी बात यह है कि चिकित्&#x200d;सक अपनी जिम्&#x200d;मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं। इसके लिए निश्चित रूप से यह समुदाय प्रशंसा के पात्र हैं। अब बहुत से लोग यह कह सकते हैं कि यह तो चिकित्&#x200d;सक का कार्य है, जो वह कर रहा है, सभी अपना-अपना कार्य करते हैं, तो ऐसे में मेरा यह मानना है कि सही है सभी अपना कार्य करते हैं, और सभी के कार्य का अपना-अपना महत्&#x200d;व है, उनके कार्य को महत्&#x200d;वहीन कहना मेरा उद्देश्&#x200d;य नहीं है, लेकिन चूंकि चिकित्&#x200d;सक का कार्य व्&#x200d;यक्ति के स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य से जुड़ा है, इसलिए किसी भी परिस्थिति के बावजूद उनके द्वारा&#x200d; किये जाने वाले कार्य के लिए मैं उन्&#x200d;हें महत्&#x200d;वपूर्ण मानता हूं, और यहां यह जिक्र करने का मेरा उद्देश्&#x200d;य चिकित्&#x200d;सक के जीवन-मौत से जुड़े इस कार्य के महत्&#x200d;व को संजीदा तरीके से अहसास करना और कराना है।</p>
<p>मेरा मानना है कि चिकित्&#x200d;सक जीवन नहीं देता है, क्&#x200d;योंकि जीवन का प्रारंभ और जीवन का अंत एक ऐसी प्रक्रिया है जो कोई भी साइंस नहीं जान पायी है, इस प्रारम्&#x200d;भ और अंत को ईश्&#x200d;वर ही संचालित करता है, इसलिए कोई भी चिकित्&#x200d;सक जीवन तो नहीं दे सकता है लेकिन एक चिकित्&#x200d;सक गुणवत्&#x200d;ता भरा जीवन (क्&#x200d;वालिटी ऑफ लाइफ) जरूर देता है, ऐसा कहने के पीछे मेरा आधार यह है कि अगर व्&#x200d;यक्ति के पास सांसें हैं तो उन सांसों को वह बिस्&#x200d;तर पर पड़े रहकर, यहां तक कि कोमा में रहकर भी पूरी करता है, लेकिन अगर सांसें नहीं हैं तो चिकित्&#x200d;सक एड़ी-चोटी का जोर लगा ले फि&#x200d;र भी अपने चाहने वालों तक को नहीं बचा सकता है।</p>
<p>दुखद पहलू यह है कि व्&#x200d;यावसायिकता की इस दौड़ में चिकित्&#x200d;सक और मरीज के बीच का अनमोल सम्&#x200d;बन्&#x200d;ध कहीं खो सा गया है, इसमें दरारें आ रही हैं, यह चिंता का विषय है, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि इसमें सारी गलती सिर्फ मरीज या उनके परिजनों की है, अपेक्षा के विपरीत व्&#x200d;यवहार चिकित्&#x200d;सक, चिकित्&#x200d;सा कर्मियों की तरफ से भी हो जाता है, लेकिन महत्&#x200d;वपूर्ण यह है कि ऐसा क्&#x200d;यों होता है, क्&#x200d;या संसाधनों के अभाव से, या क्&#x200d;या मानव संसाधनों के अभाव से, या लापरवाही से, कुल मिलाकर इस पर चिकित्&#x200d;सक सहित सभी को विचार करना होगा क्&#x200d;योंकि कहीं न कहीं हर व्&#x200d;यक्ति की डोर एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, यानी एक-दूसरे के कार्यों की जरूरत आपस में पड़ती ही है, और यह बात चिकित्&#x200d;सक और मरीज के सम्&#x200d;बन्&#x200d;धों पर भी लागू होती है।</p>
<p>अंत में आजकल चल रही विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को, खुद के परिवार को मानसिक रूप से दृढ़ता और सुरक्षा प्रदान करने की जिम्&#x200d;मेदारी निभाते हुए समाज के हर व्&#x200d;यक्ति और उसके परिवार को ढाढ़स देने, बीमारियों से बचाव की जानकारी देने, उसे हिम्&#x200d;मत देने, अपने होने का अहसास कराने और जरूरत पड़ने पर उसका इलाज करने का जज्&#x200d;बा लिये हुए चिकित्&#x200d;सकों को ‘सेहत टाइम्&#x200d;स’ का सलाम है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
