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	<title>MR Archives - Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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		<title>9 माह से 15 वर्ष तक की आयु वाले बच्‍चों को लगेगा एमआर से बचाव का टीका</title>
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		<pubDate>Mon, 19 Nov 2018 18:21:00 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="1040" height="493" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2018/11/cmo-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2018/11/cmo-1.jpg 1040w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2018/11/cmo-1-300x142.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2018/11/cmo-1-768x364.jpg 768w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2018/11/cmo-1-1024x485.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1040px) 100vw, 1040px" /><p><span style="color: #0000ff;"><strong>मीजिल्&#x200d;स व रूबेला का टीका लगाने के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित</strong></span></p>
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<p><strong>लखनऊ</strong><strong>, 19</strong><strong> नवम्बर।</strong> मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में सोमवार को मीजिल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान को लेकर जिले के सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त मदरसा शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। इस दौरान इन लोगों को एमआर टीकाकरण के बारे में प्रशिक्षित किया गया। 26 नवम्बर से शुरू हो रहे एमआर टीकाकरण अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने में उनसे सहयोग की अपील की गयी। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम. के. सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से डॉ. विकास, यूनिसेफ से डॉ. संदीप शाही और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अभियान के तहत नौ माह से 15 साल तक के बच्चों का एक एमआर टीकाकरण होगा। इसके लिए कक्षा-10 तक के बच्चों को लक्ष्य किया जा रहा है। इसके अलावा शेष बच्चों तक पहुँचने के लिए समुदाय के बीच टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जाएगा और यह अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक की शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण न हो जाए। पहले चरण में सरकारी व प्राइवेट स्कूलों और मदरसों में टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जाएगा। दूसरे चरण में समुदाय आधारित क्षेत्रों में टीकाकरण सत्र का कार्यक्रम चलाया जाएगा और आखिरी में छूटे हुए बच्चों के लिए टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जाएगा/ विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से चलने वाले इस अभियान के तहत बच्चों को दो अलग-अलग के बजाय एक ही एमआर वैक्सीन लगायी जाएगी। यह खसरा और रूबेला दोनों बीमारियों से बचाव करेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर यूनिसेफ के डॉ. संदीप शाही ने कहा कि  इस अभियान की सफलता में शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रधानाध्यापक के साथ-साथ हर स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी भी बनाया जाए। इस अभियान की सफलता के लिए जरूरी है कि शिक्षक सभी जागरूकता /प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें, समय व स्थान का चुनाव करने में सहयोग करें, जिन बच्चों का टीकाकरण होना है, उनकी सूची पहले से तैयार कर लें। इसके अलावा टीकाकरण की तिथियों व स्थल की सूचना व्हाट्सप, ई-मेल , एस.एम.एस., पत्र व स्कूल की वैबसाइट द्वारा भी पेरेंट्स तक पहुंचा दें। इसके साथ ही यह भी बताना न भूलें कि यह टीकाकरण खाली पेट नहीं होना है। स्कूलों में खसरा व रूबेला के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए क्विज प्रतियोगिता , पेंटिंग , चित्रकला प्रदर्शनी व रैली का आयोजन भी किया जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिक्षक टीकाकरण स्थल पर खुद भी मौजूद रहें ताकि अभिभावकों व बच्चों की जिज्ञासाओं को शांत किया जा सके,  इसके लिए जरूरी है कि अभिभावक टीकाकरण स्थल पर आना चाहें तो उन्हें आने दिया जाए। टीकाकरण के लिए कम से कम तीन कमरों की जरूरत होगी | एक कमरे में बच्चे टीकाकरण से पहले कक्षानुसार बैठेंगे | दूसरे कमरे में टीकाकरण होगा, उसमें ए.एन.एम. बैठेंगी और वह एक-एक करके बच्चों का टीकाकरण करेंगी। एक बार में एक ही बच्चे का टीकाकरण होगा और टीकाकरण  के बाद बच्चा तीसरे कक्ष में जाएगा | जहाँ हर बच्चा 30 मिनट तक शिक्षक की निगरानी में आराम करेगा। वहाँ पर बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल, कोई मूवी या कार्टून पिक्चर का प्रबंध हो ताकि वह इंजेक्शन लगने की बात भूल जाये|  इस कक्ष में एक शिक्षक व एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। बच्चा आरामदायक महसूस करे इसके लिए उसे हल्का नाश्ता व पानी भी उपलब्ध कराया जा सकता है/ इस दौरान यदि किसी बच्चे को बुखार या आँखों में लालिमा आदि जैसे लक्षण महसूस हों तो सुपरवाइज़र या ए.एन.एम. को तत्काल सूचित करें | यदि बच्चा थका हुआ महसूस करे तो चिकित्साधिकारी / ए.एन.एम. /स्कूल नर्स को इसकी सूचना दें | उसके पैरों को थोड़ा सा ऊंचा करके उसे लिटा दें या उसके घुटनों के बीच सिर झुका कर उसे बिठा दें|</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम.के.सिंह ने बताया कि लखनऊ जिले की जनसंख्या लगभग 52 लाख है | यह अभियान सभी स्कूलों/मदरसों चाहे वे मान्यता प्राप्त हों या गैर मान्यता प्राप्त में चलाया जाएगा | हमें सभी बच्चों को टीका लगाना है, कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए | अभियान में दी जाने वाली यह खुराक नियमित टीकाकरण की खुराक के अतिरिक्त है | हमें 100 प्रतिशत का लक्ष्य लेकर चलना है तभी हम इस अभियान में सफल हो पाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>टीकाकरण के लिए शिक्षकों को एक इन्फॉर्मेशन कार्ड व एक वैक्सीनेशन कार्ड भी दिया जाएगा | इंफार्मेशन कार्ड अभिभावकों को दिया जाएगा जिसमें एम.आर. के बारे में जानकारी होगी तथा वैक्सीनेशन कार्ड को वह अपने पास रखेगी | वैक्सीन की एक शीशी को खोलने के चार घंटे के भीतर ही इसका उपयोग कर लेना है, जो भी चिकित्साकर्मी/ ए0एन0एम0 शीशी को खोलेगा वह समय और तारीख उस शीशी पर लिख देगा | एक शीशी से 10 बच्चों को टीका लगाया जाएगा | ऑटो डिसेबल सिरिंज का उपयोग किया जाएगा| टीका लगने के बाद बच्चे के बाएँ हाथ के अंगूठे में निशान भी लगाया जाएगा | प्रत्येक प्रतिरक्षित बच्चे  को एसीएमओ द्वारा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट कार्ड भी दिया जाएगा | इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने सभी मदरसा शिक्षकों से अपील की कि  मीजल्स रूबेला अभियान को सफल बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा बच्चों व उनके परिवार के सदस्यों को प्रेरित करें, जिससे यह अभियान पूर्ण रूप से सफल हो।</p>
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