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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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		<title>प्रांतीय चिकित्‍सा सेवा के डॉक्‍टरों के अंदर भी सुलग रही है आक्रोश की चिंगारी</title>
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		<pubDate>Thu, 06 Dec 2018 17:38:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="300" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-150x150.jpg 150w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-45x45.jpg 45w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />लंबित मांगों को लेकर की मुख्‍य सचिव से मुलाकात, शीघ्र कार्यवाही का आश्‍वासन     लखनऊ। चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में कार्य करने वाले लोग जब आंदोलन की राह पर निकलते हैं तो खासा असर पड़ता है। वर्तमान की अगर बात करें तो जहां डिप्‍लोमा फार्मासिस्‍ट एसोसिएशन, उत्‍तर प्रदेश का आंदोलन चल रहा है। वहीं चिकित्‍सा &#8230;]]></description>
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<p><strong> <img decoding="async" loading="lazy" class="size-full wp-image-1468 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg" alt="" width="300" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-150x150.jpg 150w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2017/05/Doctors-45x45.jpg 45w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> चिकित्&#x200d;सा स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य सेवाओं में कार्य करने वाले लोग जब आंदोलन की राह पर निकलते हैं तो खासा असर पड़ता है। वर्तमान की अगर बात करें तो जहां डिप्&#x200d;लोमा फार्मासिस्&#x200d;ट एसोसिएशन, उत्&#x200d;तर प्रदेश का आंदोलन चल रहा है। वहीं चिकित्&#x200d;सा पेशे से जुड़ा शीर्ष अंग चिकित्&#x200d;सक भी अपनी मांगों को लेकर संजीदा हो चुका है। पूर्व में कई बार आक्रोश के साथ ही अपनी पीड़ा जता चुके प्रांतीय चिकित्&#x200d;सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने एक बार फि&#x200d;र मुख्&#x200d;य सचिव से मिलकर अपनी व्&#x200d;यथा रखी है, हालांकि मुख्&#x200d;य सचिव ने पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल को मांगों का समाधान करने का आश्&#x200d;वासन दिया है और साथ ही विभागीय प्रमुख सचिव को निर्देश भी दिये हैं लेकिन यह कितना मूर्तरूप ले पाता है, यह भविष्&#x200d;य के गर्भ में है, हालांकि चिकित्&#x200d;सकों ने अभी हड़ताल जैसी कोई तारीख तय नहीं की है लेकिन अगर हड़ताल की नौबत अगर आयी तो एक बार फि&#x200d;र से आम आदमी जो सरकारी अस्&#x200d;पतालों के भरोसे हैं, को निश्चित ही बहुत परेशानी होने वाली है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पीएमएस एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री डॉ अमित सिंह ने बताया कि मुख्&#x200d;य सचिव अनूप चंद्र पाण्&#x200d;डेय से मुलाकात कर हम पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्&#x200d;सकों की पीड़ा व्&#x200d;यक्&#x200d;त की थी। उन्&#x200d;होंने बताया कि मुख्&#x200d;य सचिव ने आश्&#x200d;वस्&#x200d;त किया है कि संघ की समस्&#x200d;याओं का शीघ्र समाधान किया जायेगा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा संघ की बैठक के बारे में मुख्&#x200d;य सचिव को जानकारी दी गयी है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्&#x200d;यक्ष डॉ अशोक यादव, महामंत्री डॉ अमित सिंह, उपाध्&#x200d;यक्ष मुख्&#x200d;यालय डॉ आशुतोष दुबे, उपाध्&#x200d;यक्ष महिला डॉ निरुपमा सिंह शामिल थीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ अमित सिंह ने मांगों के सम्&#x200d;बन्&#x200d;ध में बताया कि संवर्ग में जिन बातों को लेकर बेहद आक्रोश है उनमें संविदा पर कार्य करने वाले चिकित्&#x200d;सकों को ढाई लाख रुपये प्रतिमाह तक पर सिर्फ ओपीडी में आठ घंटे के लिए नियुक्&#x200d;त करना भी शामिल है। उन्&#x200d;हें पोस्&#x200d;टमार्टम, मेडिकोलीगल, इमरजेंसी जैसे कार्यों से छूट रहती है। उन्&#x200d;होंने बताया कि इसके विपरीत लोक सेवा आयोग से भर्ती चिकित्&#x200d;सक को 70 हजार रुपये प्रति&#x200d;माह वेतन दिया जाता है, और उससे इमरजेंसी सेवायें, मेडिकोलीगल, पोस्&#x200d;टमॉर्टम जैसे कार्य भी लिये जाते हैं। उन्&#x200d;होंने कहा कि संघ का कहना है कि अगर संविदा पर कार्यरत चिकित्&#x200d;सक को ढाई लाख रुपये प्रतिमाह दिया जाना उचित है तो हम सब नियमित नौकरी छोड़कर संविदा पर कार्य करने को तैयार हैं। उन्&#x200d;होंने बताया कि उत्&#x200d;तर प्रदेश जैसे 22 करोड़ की जनसंख्&#x200d;या वाले बड़े राज्&#x200d;य की सरकारी चिकित्&#x200d;सा सेवा सम्&#x200d;भालने में जुटे चिकित्&#x200d;सकों का शोषण नहीं किया जाना चाहिये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ अमित ने बताया कि सातवें वेतन आयोग के अनुसार चिकित्&#x200d;सकों को दिये जाने वाला नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउन्&#x200d;स (एनपीए) न दिये जाने से प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान एक चिकित्&#x200d;सक को हो रहा है। उन्&#x200d;होंने कहा कि मांग है कि 1 जनवरी 2016 से मूल वेतन का 35 प्रतिशत एनपीए दिया जाये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ अमित ने बताया कि इसी प्रकार मई 2017 में सरकार के आदेश से सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गयी थी, साथ ही विकल्&#x200d;प रखा गया था कि 60 वर्ष पर ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ली जा सकती है लेकिन बाद में सितम्&#x200d;बर 2017 में एक अन्&#x200d;य आदेश से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के आदेश को वापस ले लिया गया है। उन्&#x200d;होंने कहा कि हमारी मांग है कि रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने का निर्णय ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के अधिकार के साथ होना चाहिये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ अमित सिंह ने बताया कि राजकीय चिकित्सा सेवाओं में विशेषज्ञों की भारी कमी है और ब्&#x200d;लॉक स्तर तक विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये संघ द्वारा सुझाये गये सी0पी0एस0 डिप्लोमा पाठ्यक्रम को अविलम्ब आरम्भ किया जाना चाहिये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ सिंह ने कहा कि चिकित्&#x200d;सकों की मांगों में महाराष्ट्र राज्य की तरह उप्र के चिकित्सकों को भी नॉन प्रैक्टिस भत्ता मूल वेतन का 35 प्रतिशत दिया जाना, विशेषज्ञ चिकित्सकों को उत्&#x200d;तराखण्ड राज्य की भांति मूल वेतन का  20, 30, 40 प्रतिशत, विशेषज्ञता भत्ता दिया जाना, ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों के लिये ग्रामीण भत्ता दिया जाना शामिल है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्&#x200d;होंने बताया कि इसके अतिरि&#x200d;क्&#x200d;त प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिये देश के अन्य राज्यों की तरह राजकीय चिकित्सालयों में विशेषज्ञ की उपाधि प्रदान करने के लिए डीएनबी पाठ्यक्रम आरम्भ करने के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही किया जाना।   अधिवर्षता आयु बढ़ाने में विकल्प चुनने का प्राविधान बहाल किया जाना। पात्र चिकित्सकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की सुविधा बहाल किया जाना, दंत संवर्ग को भी पीएमएस संवर्ग की तरह विशिष्ट एसीपी का लाभ व अन्य भत्ते दिया जाना तथा अधिवर्षता आयु 60 वर्ष से 62 वर्ष विकल्प के साथ किया जाने पर चर्चा की गयी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ सिंह ने बताया कि लखनऊ में स्थित निशातगंज में उपलब्ध विभागीय भूखण्ड पर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में शिलान्यास कर प्रेक्षागृह एवं अतिथि गृह का निर्माण प्रारम्भ किया जाने की मांग शामिल है। इसी प्रकार संवर्ग में लगभग डेढ़ हजार ऐसे विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी मौजूद हैं, जो चिकित्सा शिक्षक की अर्हता यथा एम0डी0/एम0एस/एम0डी0एस0/डी0एम0/एम0सी0एच0 रखते हैं तथा चिकित्सा शिक्षक के रूप में नियुक्त किये जाने के लिए वांछित शिक्षण अनुभव भी रखते हैं। उनसे विकल्प मांगते हुये और प्रतिनियुक्ति की स्पष्ट एवं पारदर्शी सेवा शर्तें निर्धारित करते हुये सुस्पष्ट नीति बनाकर राजकीय मेडिकल कालेजों में रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति किये जाने पर विचार किया जाना राज्य हित में होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्&#x200d;होंने बताया कि इसी प्रकार जिला स्तरीय एवं ब्&#x200d;लॉक स्तरीय चिकित्सालयों में विभिन्न उपक्रमों (एनएचएम, सिफ्सा एवं यूपीएचएसएसपी) द्वारा संविदा पर चिकित्सकों की तैनाती की अपेक्षा केवल लोक-सेवा आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा या महानिदेशालय द्वारा तदर्थ नियुक्त की निर्धारित प्रक्रिया के तहत, संवर्ग में एक समान सेवा शर्तो के साथ चिकित्सकों की तैनाती किया जाना औचित्&#x200d;यपूर्ण और व्यवस्थापरक होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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