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	<title>appointed Archives - Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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		<title>डॉ. सूर्यकान्त को एक और जिम्मेदारी, बनाये गये वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक</title>
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		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:40:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="336" height="401" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11.jpeg 336w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11-251x300.jpeg 251w" sizes="(max-width: 336px) 100vw, 336px" /><p>-अभियान के जरिये जन भागीदारी से “स्वच्छ वायु–स्वस्थ जीवन” बनाने का लक्ष्य सेहत टाइम्स लखनऊ। देश में बढ़ते वायु प्रदूषण और उससे उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “वायु मित्र अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="336" height="401" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11.jpeg 336w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-11-251x300.jpeg 251w" sizes="(max-width: 336px) 100vw, 336px" /><h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-अभियान के जरिये जन भागीदारी से “स्वच्छ वायु–स्वस्थ जीवन” बनाने का लक्ष्य</strong></span></h2>
<figure id="attachment_59854" aria-describedby="caption-attachment-59854" style="width: 309px" class="wp-caption alignright"><img decoding="async" class=" wp-image-59854" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-1-251x300.jpeg" alt="" width="309" height="369" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-1-251x300.jpeg 251w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr.-Suryakant-1.jpeg 768w" sizes="(max-width: 309px) 100vw, 309px" /><figcaption id="caption-attachment-59854" class="wp-caption-text"><span style="color: #ff0000;"><em><strong>डॉ. सूर्यकान्त</strong></em></span></figcaption></figure>
<p><strong>सेहत टाइम्स</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> देश में बढ़ते वायु प्रदूषण और उससे उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “वायु मित्र अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान स्वच्छ वायु को प्रत्येक नागरिक का अधिकार मानते हुए जनभागीदारी, जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन तथा नीति समर्थन के माध्यम से “स्वच्छ वायु–स्वस्थ जीवन” के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास करेगा। ज्ञात रहे कि डॉ. सूर्यकान्त लंग केयर फाउंडेशन व ‘डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर एंड क्लाइमेट एक्शन’ के वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।</p>
<p>वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वायु प्रदूषण प्रतिवर्ष दुनिया में लगभग 70 लाख और भारत में 20 लाख समयपूर्व मौतों का कारण बनता है। भारत के कई शहर विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं, जहां PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कणों का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के अनेक शहर भी इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>गांवों में उपले, शहर में वाहन बढ़ा रहे वायु प्रदूषण</strong></span></h3>
<p>उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, पराली जलाना, जैविक ईंधन तथा धूम्रपान शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी, उपले और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों का उपयोग घरेलू वायु प्रदूषण को बढ़ाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में तीव्र शहरीकरण और वाहनों की बढ़ती संख्या प्रमुख कारण हैं।</p>
<p>डॉ. सूर्यकान्त ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सूचकांक आम नागरिकों को वायु की गुणवत्ता और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देता है। एयर क्वालिटी इंडेक़्स ( एक्यूआई ) के मानक अनुसार वायु गुणवत्ता को अच्छा (0–50), संतोषजनक (51–100), मध्यम (101–200), खराब (201–300), अत्यंत खराब (301–400) तथा गंभीर (401–500) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। ऐक्यूआई का स्तर जितना अधिक होगा, स्वास्थ्य पर उसका दुष्प्रभाव उतना ही गंभीर होगा। उन्होंने नागरिकों से नियमित रूप से अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त करने तथा उसके अनुरूप आवश्यक सावधानियाँ अपनाने की अपील की।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>शरीर के हर अंग पर होता है वायु प्रदूषण का असर</strong></span></h3>
<p>डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण शरीर के हर अंग को नुकसान पहुँचता है। उन्होंने विशेष रूप से PM 2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों के खतरों पर जोर देते हुए कहा कि वायु में उपस्थित सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10), धुआँ, रासायनिक गैसें तथा विषैले तत्व फेफड़ों तक पहुँचकर गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। एलर्जी, अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), निमोनिया, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल विकार, अवसाद, लिवर रोग, क्षय रोग (टीबी) तथा प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित जैसी समस्याएँ प्रदूषित वातावरण में अधिक देखने को मिलती हैं। वायु प्रदूषण के कारण 43 प्रतिशत साँस के रोगों से होने वाली मौत और हृदय रोग, स्ट्रोक व फेफड़े के कैंसर से होने वाली हर चौथी मौत शामिल है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>स्वच्छ वायु के बिना तीन मिनट से ज्यादा जीवन नहीं</strong></span></h3>
<p>डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि वायु प्रदूषण आज विश्व के सामने सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि मानव भोजन के बिना तीन सप्ताह और पानी के बिना तीन दिन तक जीवित रह सकता है, लेकिन स्वच्छ वायु के बिना तीन मिनट से अधिक जीवित नहीं रह सकता। एक व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 25 हजार बार श्वास लेता है तथा लगभग 10 हजार लीटर वायु उसके फेफड़ों से होकर गुजरती है, जिससे हमें रोज 500 लीटर ऑक्सीजन मिलती है, जो हमें न सिर्फ जिंदा रखती है बल्कि काम करने के लिए ऊर्जा भी प्रदान करती है। ऐसे में वायु की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है।</p>
<p>वायु मित्र अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण के लिए जागरूक बनाना है। यह अभियान लोगों को सीखने और सिखाने, अपने विचार साझा करने तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करता है। प्रत्येक वायु मित्र स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी इस अभियान में शामिल करना है। अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी पर विशेष बल देना है। वायु मित्र अभियान का संदेश है कि प्रत्येक नागरिक जीवनभर सक्रिय रहकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ते हुए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दे।</p>
<p>वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि स्वच्छ वायु केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि जनभागीदारी से संभव है। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को “वायु मित्र” बनाकर उसे समाधान का सक्रिय भागीदार बनाना है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल</strong> </span></h3>
<p>ऑर्गेनाइजेशन फॉर कंजर्वेशन ऑफ एनवायरनमेंट एंड नेचर (ओशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल दिया। ज्ञात रहे कि डॉ. सूर्य कान्त के नेतृत्व में विभिन्न संस्थानों में वृक्षारोपण, ग्रीन जोन निर्माण, हर्बल पार्क स्थापना, नवग्रह वाटिका विकास तथा पौध वितरण जैसे अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही किसी भी समारोह में फूलों के गुलदस्ते के स्थान पर पौधे भेंट करने की परंपरा को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम के रूप में उनके द्वारा प्रचलित किया जा रहा है।</p>
<p>डॉ. सूर्यकान्त ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP), प्राण पोर्टल तथा लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) , एक पेड़ माँ के नाम जैसी सरकारी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p>अंत में डॉ. सूर्यकान्त ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, धूम्रपान से दूर रहने, घरों में स्वच्छ ईंधन अपनाने , हर शुभ अवसर पर वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “प्रकृति से प्रेरित होकर, जलवायु के लिए कार्य करते हुए ही हम अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।” उन्होंने सभी नागरिकों से “वायु मित्र अभियान” से जुड़कर स्वच्छ वायु और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<p>The post <a href="http://sehattimes.com/another-responsibility-for-dr-suryakant-appointed-national-coordinator-of-the-vayu-mitra-abhiyan/59853">डॉ. सूर्यकान्त को एक और जिम्मेदारी, बनाये गये वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक</a> appeared first on <a href="http://sehattimes.com">Sehat Times | सेहत टाइम्स</a>.</p>
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