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	<title>मृतक Archives - Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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		<title>मृत दाता प्रत्यारोपण पर केंद्रित रहा एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग का इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह</title>
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		<pubDate>Sat, 16 May 2026 17:35:45 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="448" height="336" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-11.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-11.jpeg 448w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-11-300x225.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 448px) 100vw, 448px" /><h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-नेफ्रोलॉजिस्ट, प्रत्यारोपण चिकित्सक, सर्जन, नीति निर्माता, स्वास्थ्यकर्मी, दाता परिवार और मेडिकल छात्र आये एक मंच पर</strong></span></h2>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-59593 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1.jpeg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1.jpeg 1600w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1-300x225.jpeg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1-1024x768.jpeg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1-768x576.jpeg 768w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-1-1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>सेहत टाइम्स</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस), लखनऊ के नेफ्रोलॉजी विभाग ने 16 मई 2026 को एच.जी. खुराना ऑडिटोरियम में विभाग के 40वां स्थापना दिवस अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया। इस कार्यक्रम में देश भर से प्रख्यात नेफ्रोलॉजिस्ट, प्रत्यारोपण चिकित्सक, सर्जन, नीति निर्माता, स्वास्थ्यकर्मी, दाता परिवार और मेडिकल छात्र एक साथ आए। इस समारोह ने न केवल लगभग चार दशकों में विभाग की उल्लेखनीय यात्रा और उपलब्धियों को उजागर किया, बल्कि भारत में मृत दाता प्रत्यारोपण कार्यक्रमों के बढ़ते महत्व को भी दर्शाया।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>15 मई 1987 को हुई थी नेफ्रोलॉजी विभाग की स्थापना</strong></span></h3>
<p>विभाग की स्थापना 15 मई 1987 को विभाग के प्रथम विभागाध्यक्ष डॉ. विजय खेर तथा अग्रणी विशेषज्ञ प्रो. आर.के. शर्मा एवं प्रो. अमित गुप्ता की नियुक्ति के साथ हुई थी। वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. नारायण प्रसाद ने वर्ष 2022 से स्थापना दिवस समारोह को नई दिशा देते हुए प्रत्येक वर्ष थीम-आधारित सीएमई (Continuing Medical Education) आयोजित करने की परंपरा शुरू की। इस वर्ष का विषय था — “From Vision to Reality: Replicating Successful Deceased Donor Transplantation Models Across Uttar Pradesh” अर्थात उत्तर प्रदेश में सफल मृत अंगदाता प्रत्यारोपण मॉडल को विकसित एवं विस्तारित करना।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-59594 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2-.jpeg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2-.jpeg 1600w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2--300x225.jpeg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2--1024x768.jpeg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2--768x576.jpeg 768w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/05/Nephrology-2--1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>विशेष प्रगति की है नेफ्रोलॉजी विभाग ने : ब्रजेश पाठक</strong></span></h3>
<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक थे। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई ने हर क्षेत्र में प्रगति की है, नेफ्रोलॉजी विभाग ने विशेष रूप से ख्याति अर्जित की है, इसका श्रेय विभाग के पुराने चिकित्सक प्रो आरके शर्मा, प्रो अमित गुप्ता व अन्य को जाता है, उनके कार्य को आगे बढ़ाने का काम वर्तमान के विभागाध्यक्ष प्रो नारायण प्रसाद कर रहे हैं, इसके लिए मैं उनको अपनी शुभकामनाएं देता हूं।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने लखनऊ की स्वर्गीय लक्ष्मी तथा मध्य प्रदेश के एक अन्य मृत अंगदाता के परिजनों को सम्मानित किया, जिन्होंने ब्रेन डेथ घोषित होने के बाद अंगदान की अनुमति देकर कई लोगों को नया जीवन प्रदान किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच बढ़ती खाई को कम करने हेतु समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रत्यारोपण सेवाओं को मजबूत करने के गुर बताये</strong></span></h3>
<p>पद्मश्री प्रोफेसर आर.के. धीमन, निदेशक, एसजीपीजीआई ने सभा को संबोधित करते हुए प्रत्यारोपण सेवाओं को मजबूत करने में जागरूकता और संस्थागत सहयोग की परिवर्तनकारी भूमिका के बारे में बताया। चंडीगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में सफल अंगदान पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समर्पित टीम वर्क, जनविश्वास और समन्वित स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र में अंगदान जागरूकता बढ़ाने और प्रत्यारोपण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रति वर्ष 24,000 सड़क दुर्घटना जनित मृत्यु होती हैं यूपी में</strong></span></h3>
<p>सीएमई के दौरान प्रो. नारायण प्रसाद ने “उत्तर प्रदेश में मृत अंगदाता प्रत्यारोपण की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की संभावनाएँ” The Current Status and Future Prospects of Deceased Donor Transplantation in Uttar Pradesh विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 24,000 सड़क दुर्घटना जनित मृत्यु होती हैं। यदि इनमें से केवल 1% मामलों में भी सफल मृत अंगदान हो सके, तो लगभग 480 किडनी प्रत्यारोपण तथा 240 लिवर एवं हृदय प्रत्यारोपण प्रतिवर्ष संभव हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त फेफड़े, अग्न्याशय, त्वचा, हड्डियाँ एवं अन्य ऊतक भी प्रत्यारोपण के लिए प्राप्त किए जा सकते हैं।</p>
<p>मुंबई के जसलोक अस्पताल की डॉ. श्रुति टंडन ने ब्रेन डेथ घोषणा की जटिलताओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया तथा अंगों को सुरक्षित रखने एवं सफल प्रत्यारोपण के लिए आवश्यक चिकित्सीय उपायों की जानकारी दी। अहमदाबाद स्थित आईकेडीआरसी के डॉ. विवेक कुटे ने गुजरात के सफल अंग प्रत्यारोपण मॉडल के अनुभव साझा किए तथा बताया कि किस प्रकार ऐसे मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू किया जा सकता है। चेन्नई से आए डॉ. नटराजन गोपालकृष्णन, जो तमिलनाडु ट्रांसप्लांट अथॉरिटी के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि तमिलनाडु देश में मृत अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है और वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में ही वहाँ 57 मृत अंगदान हो चुके हैं।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>राज्यों में अंगदान कार्यक्रमों पर दिया मुख्य व्याख्यान</strong></span></h3>
<p>राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के निदेशक प्रो. अनिल कुमार ने “राज्यों में अंगदान कार्यक्रमों को सशक्त बनाने की रणनीतियाँ” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। वहीं यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. एम.एस. अंसारी ने अंग निकासी एवं मृत अंगदाता प्रत्यारोपण की शल्य जटिलताओं पर प्रकाश डाला।</p>
<p>कार्यक्रम में स्थापना दिवस पुरस्कार समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें विभाग के फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, तकनीशियनों एवं सहायक कर्मचारियों को रोगी सेवा, प्रत्यारोपण, शिक्षण, अनुसंधान एवं विभागीय विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>डॉ. विजय खेर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड</strong></span></h3>
<p>स्थापना दिवस व्याख्यान प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता द्वारा दिया गया। इस अवसर पर विभाग के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विजय खेर को नेफ्रोलॉजी एवं प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए “लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। उन्हें भारत में नेफ्रोलॉजी और किडनी प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उनके असाधारण और अग्रणी योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता ने विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होने की नींव रखी।</p>
<p>सीएमई की सह-अध्यक्ष डॉ. अनुपमा कौल ने गुर्दे की बीमारियों के प्रबंधन, डायलिसिस और प्रत्यारोपण की बढ़ती लागत को देखते हुए गुर्दे की बीमारियों की रोकथाम की आवश्यकता के बारे में एक सशक्त संदेश दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. मानस रंजन पटेल एवं डॉ. संतोष कुमार वी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. नारायण प्रसाद ने कहा कि यह स्थापना दिवस केवल 39 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में मजबूत एवं सतत मृत अंगदाता प्रत्यारोपण प्रणाली विकसित करने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंगदाता परिवारों का निःस्वार्थ योगदान पूरे चिकित्सा समुदाय को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।</p>
<h2 style="text-align: center;"><span style="color: #ff0000;"><strong>पुरस्कार विजेताओं की सूची</strong></span></h2>
<h3><strong><span style="color: #0000ff;">दाता परिवार सम्मान &#8211;</span></strong></h3>
<p>स्वर्गीय संदीप सिंह की पत्नी<br />
स्वर्गीय रानी देवी के पति</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड</strong></span></h3>
<p>डॉ. विजय खेर</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार</strong></span></h3>
<p>डॉ. श्याम बंसल, सचिव, इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>भारत में मृत दाता प्रत्यारोपण कार्यक्रमों में बाहरी विशेषज्ञ संकाय का सम्मान</strong></span></h3>
<p>डॉ. एन. गोपालकृष्णन, निदेशक, TRANSTAN</p>
<p>ललिता रघुरामन, निदेशक,<br />
MOHAN फाउंडेशन</p>
<p>डॉ. विवेक कुटे, सचिव, ISOT</p>
<p>डॉ. अरविंद गुप्ता, HOD नेफ्रोलॉजी, इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>सर्वश्रेष्ठ सीनियर रेजिडेंट</strong></span></h3>
<p>डॉ. यशेंदु सारडा<br />
डॉ. सौर्य सौरभ मोहकुडा<br />
डॉ. आकाश राय<br />
डॉ. कृतिका गुप्ता</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8216;ब्रिजिंग द बॉन्ड&#8217; पुरस्कार</strong></span></h3>
<p>संतोष वर्मा</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8216;कस्टोडियन&#8217; पुरस्कार (डायलिसिस टेक्नीशियन)</strong></span></h3>
<p>राजीव खान</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>नर्सिंग अधिकारी &#8211; &#8216;नाइटिंगेल ऑफ द ईयर&#8217;</strong></span></h3>
<p>अनीता शेरॉन<br />
रजनीगंधा<br />
पुष्पा अखिलेश<br />
डॉली एंटनी<br />
मोहम्मद नसीम<br />
प्रिंसी<br />
लवेश</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8216;परिश्रमी कार्यकर्ता&#8217; पुरस्कार</strong></span></h3>
<p>रोहित<br />
राम प्रताप<br />
सुधा<br />
संतोष कुमार<br />
संजय<br />
मधु<br />
प्रेम चंद<br />
महेश कुमार<br />
प्रशांत सिंह<br />
मीरा<br />
गुड्डी<br />
अभिषेक</p>
<p>The post <a href="http://sehattimes.com/this-years-foundation-day-celebration-of-the-department-of-nephrology-at-sgpgi-focused-on-deceased-donor-transplantation/59592">मृत दाता प्रत्यारोपण पर केंद्रित रहा एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग का इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह</a> appeared first on <a href="http://sehattimes.com">Sehat Times | सेहत टाइम्स</a>.</p>
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