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	<title>माँ &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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		<title>एनीमिया के चलते गर्भवती महिलाओं से लेकर मातृ व शिशु का स्वास्थ्य भारी जोखिम में</title>
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		<pubDate>Fri, 06 Dec 2024 19:45:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="448" height="286" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11.jpg 448w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11-300x192.jpg 300w" sizes="(max-width: 448px) 100vw, 448px" />-एनीमिया से निपटने की सरकार की प्रतिबद्धिता दोहरायी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने -एनिमिया रिडक्शन पर केजीएमयू और सोसाइटीज ऑफ इंडिया तथा फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेटिक एवं गायनीकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी आयोजित सेहत टाइम्स लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मातृ एनीमिया से निपटने के लिए सरकार की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="448" height="286" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11.jpg 448w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-11-300x192.jpg 300w" sizes="(max-width: 448px) 100vw, 448px" />
<p class="has-vivid-red-color has-text-color" style="font-size:28px"><strong>-एनीमिया से निपटने की सरकार की प्रतिबद्धिता दोहरायी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color" style="font-size:28px"><strong>-एनिमिया रिडक्शन पर केजीएमयू और सोसाइटीज ऑफ इंडिया तथा फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेटिक एवं गायनीकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी आयोजित</strong></p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img decoding="async" loading="lazy" width="1024" height="653" src="https://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-1024x653.jpg" alt="" class="wp-image-50485" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-1024x653.jpg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-300x191.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-768x490.jpg 768w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-1536x980.jpg 1536w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2024/12/Anemia-1-1-2048x1306.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure></div>


<p><strong>सेहत टाइम्स</strong></p>



<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मातृ एनीमिया से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अभिनव स्वास्थ्य सेवा हस्तक्षेप की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि एनीमिया एक महत्वपूर्ण चुनौती है, और माताओं और बच्चों में इसके प्रसार को कम करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसके दूरगामी सामाजिक-आर्थिक परिणाम हैं, और मुझे उम्मीद है कि सम्मेलन में मौजूद सभी हितधारक इस पर विचार-विमर्श करेंगे और हर स्तर पर इससे निपटने के लिए प्रभावी समाधान निकालेंगे।</p>



<p>यह बात श्री पाठक ने 6 दिसम्बर को क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं सोसाइटीज ऑफ इंडिया तथा फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेटिक तथा गायनीकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान मे यहां होटल क्लार्क्स अवध में एनिमिया रिडक्शन जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय गोष्ठी में कही। कार्यक्रम की शुरुआत उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर के की। अपने सम्बोधन में उन्होंने आयोजक मण्डल को इतने महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी आयोजित करने के लिए बधाई देते हुए बताया कि उ०प्र० सरकार पहले से ही एनिमिया के निदान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, हमने कोविड-19 से निपटने से लेकर जल जीवन मिशन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल तक पहुंच सुनिश्चित करने तक परिवर्तनकारी पहल देखी हैं, जो दर्शाता है कि दृढ़ संकल्प और जमीनी स्तर पर कार्रवाई के साथ कोई भी चुनौती असंभव नहीं है। उन्होंने एनीमिया की समस्या से व्यापक रूप से निपटने के लिए हितधारकों के बीच सहयोग पर भी जोर दिया और आश्वासन दिया कि चर्चाओं से प्राप्त सुझावों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।</p>



<p>इस अवसर पर उनके साथ मंच पर के०जी०एम०यू० की कुलपति प्रो० सोनिया नित्यानंद, क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० अविनाश अग्रवाल, वाइस प्रेजिडेंट, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजीज, इंडिया, डॉ० जयदीप टेंक, प्रेजिडेंट ऑफोकसी एवं डॉ० सुरुचि शुक्ला, एसोसिएट प्रो० माइक्रोबायोलॉजी विभाग,के०जी०एम०यू० मौजूद रही ।<br>इस राष्ट्रीय गोष्टी मे देश के कोने कोने से 200 से अधिक विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं अपने अनुभव को साझा किया गया।</p>



<p>केजीएमयू से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जो उत्तर प्रदेश में लगभग आधी गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए बड़े जोखिम पैदा करती है। इसके स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों से परे, एनीमिया आर्थिक उत्पादकता और संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित करता है, जो गरीबी के चक्र को जारी रखता है। इसके दूरगामी परिणामों को पहचानते हुए, सम्मेलन ने बेहतर परिणामों के लिए सटीक परीक्षण और उन्नत उपचार विकल्प के लिए डिजिटल स्क्रीनिंग उपकरणों के उपयोग जैसे कार्रवाई योग्य समाधानों को प्राथमिकता दी। यह सम्मेलन मातृ एनीमिया को कम करने में उत्तर प्रदेश की प्रगति को उजागर करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि मातृ एनीमिया के प्रसार में 2016 में 51 प्रतिशत से 2021 में 45.9 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।</p>



<p>केजीएमयू अनुसंधान, प्रशिक्षण और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से एनीमिया से निपटने के प्रयासों में सबसे आगे रहा है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, सामुदायिक कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच सहयोग एनीमिया की समस्या को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, अभिनव नैदानिक समाधान और डिजिटल तकनीकें एनीमिया के इलाज और प्रबंधन के तरीके को बदलने में सहायक होंगी।</p>



<p>राष्ट्रीय सम्मेलन में एनीमिया, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सामुदायिक चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञों के साथ तकनीकी चर्चा की गई। FOGSI के अध्यक्ष डॉ. जयदीप टांक ने निजी क्षेत्र के अनुभव से जानकारी दी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतःशिरा (Intravenous-IV) फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज (FCM) जैसे उन्नत उपचारों को एकीकृत करने के महत्व को रेखांकित किया।</p>



<p>सम्मेलन में डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर जैसे डिजिटल उपकरणों की परिवर्तनकारी क्षमता पर चर्चा की गई, जो एनीमिया की त्वरित और सटीक जांच करते हैं, और अंतःशिरा आयरन जैसे उन्नत उपचार, जो न्यूनतम दुष्प्रभावों के साथ प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं। ये नवाचार, मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए क्षमता निर्माण के साथ मिलकर एनीमिया कम करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।</p>



<p>विशेषज्ञों ने गहन देखभाल इकाइयों (आईसीयू) में खराब परिणामों में एनीमिया की महत्वपूर्ण भूमिका का पता लगाया, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के बीच, साथ ही कमजोर आबादी में एनीमिया के प्रसार को बढ़ाने में संक्रमण और भारी धातु के संपर्क के प्रभाव का भी पता लगाया। विशेषज्ञों ने संभावित समाधानों पर चर्चा की, जिसमें बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप, पर्यावरण सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और एनीमिया में इन अद्वितीय योगदानकर्ताओं को संबोधित करने के लिए लक्षित नीति सुधारों को लागू करना शामिल है। इन सत्रों ने कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि और सिफारिशें प्रदान कीं, जो सभी आयु समूहों और जनसांख्यिकी में एनीमिया से निपटने के लिए एक व्यापक, बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता को प्रदर्शित करती हैं।</p>



<p>इस आयोजन में हासिल अनुशंसाओं और अंतर्दृष्टि से उत्तर प्रदेश और उसके बाहर एनीमिया के प्रसार को कम करने के उद्देश्य से भविष्य की नीतियों और कार्यक्रमों का मार्गदर्शन करने की उम्मीद है।</p>
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