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	<title>जीना Archives - Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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		<title>आखिर दर्द के साथ क्यों जीना, समाधान है न</title>
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		<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 20:44:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="1069" height="804" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/imgonline-com-ua-compressed-uu45wo365wi2vt.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/imgonline-com-ua-compressed-uu45wo365wi2vt.jpg 1069w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/imgonline-com-ua-compressed-uu45wo365wi2vt-300x226.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/imgonline-com-ua-compressed-uu45wo365wi2vt-1024x770.jpg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/imgonline-com-ua-compressed-uu45wo365wi2vt-768x578.jpg 768w" sizes="(max-width: 1069px) 100vw, 1069px" /><p>-वैश्विक दर्द जागरूकता माह में आर एम एल आई में नि:शुल्क बीएमडी डेक्सा स्कैन शिविर आयोजित  सेहत टाइम्स लखनऊ। सितंबर माह को ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ (वैश्विक दर्द जागरूकता माह) के रूप में मनाने के क्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज , लखनऊ के पेन मेडिसिन ओपीडी में दो दिवसीय निःशुल्क &#8230;</p>
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<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-61214 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG-20260919-WA0015.jpg" alt="" width="1280" height="963" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG-20260919-WA0015.jpg 1280w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG-20260919-WA0015-300x226.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG-20260919-WA0015-1024x770.jpg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG-20260919-WA0015-768x578.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>सेहत टाइम्स</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> सितंबर माह को ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ (वैश्विक दर्द जागरूकता माह) के रूप में मनाने के क्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज , लखनऊ के पेन मेडिसिन ओपीडी में दो दिवसीय निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. सी. एम. सिंह द्वारा किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह जानकारी पेन मेडिसिन विभाग की इंचार्ज डॉ शिवानी ने देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज में क्रॉनिक पेन (दीर्घकालिक दर्द) और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) जैसी गंभीर लेकिन अक्सर उपेक्षित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इनकी समय रहते पहचान, रोकथाम और उचित उपचार को प्रोत्साहित करना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्रॉनिक पेन केवल एक लक्षण नहीं, बल्कि स्वयं एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकता है। लंबे समय तक रहने वाला दर्द व्यक्ति की चलने-फिरने की क्षमता, नींद, मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वर्षों तक दर्द को सामान्य मानकर सहते रहते हैं और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं लेते।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी प्रकार **ऑस्टियोपोरोसिस एक “साइलेंट” बीमारी** है, जिसका पता कई बार पहली बार हड्डी टूटने के बाद चलता है। भारतीय अध्ययनों में विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं और बुजुर्गों में कम बोन मिनरल डेंसिटी तथा ऑस्टियोपोरोसिस का महत्वपूर्ण बोझ पाया गया है। एक भारतीय सुनियोजित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में रजोनिवृत्ति महिलाओं में काठ का रीढ़ तथा फीमर की गर्दन पर ऑस्टियोपोरोसिस की समेकित प्रसार लगभग 29% बताई गई है, हालांकि अलग-अलग अध्ययनों और आबादी में इसके आंकड़े भिन्न पाए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ऑस्टियोपोरोसिस के कारण होने वाले **कमज़ोरी के कारण होने वाले फ्रैक्चर** गंभीर दर्द, चलने-फिरने में असमर्थता, लंबे समय तक रहने वाले दर्द, विकलांगता और आत्मनिर्भरता में कमी का कारण बन सकते हैं। भारतीय अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े कूल्हे के फ्रैक्चर कई बार पश्चिमी देशों की तुलना में कम उम्र में हो सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर संस्थान की पेन मेडिसिन विभाग की इंचार्ज प्रो. शिवानी रस्तोगी ने कहा कि दर्द को उम्र बढ़ने का स्वाभाविक हिस्सा मानकर सहते रहना उचित नहीं है। इसी प्रकार ऑस्टियोपोरोसिस तब तक चुपचाप बढ़ सकता है जब तक हड्डी में फ्रैक्चर न हो जाए। इस BMD जांच शिविर का उद्देश्य लोगों को अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जोखिम वाले व्यक्तियों में बीमारी की समय रहते पहचान करना है। पेन मेडिसिन ऐसे मरीजों के लिए वैज्ञानिक, समग्र और बहुआयामी उपचार उपलब्ध कराती है, जो लंबे समय से दर्द से पीड़ित हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि विशेष रूप से लगातार कमर दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़ी हड्डियां टूटना तथा अन्य लंबे समय तक रहने वाले दर्द की समस्याएँ में दर्द के मूल कारण की पहचान और समय पर विशेषज्ञ परामर्श अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन के मानद सचिव एवं CEO, डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि क्रॉनिक पेन हमारे समाज में एक बहुत बड़ा लेकिन अक्सर दिखाई न देने वाला स्वास्थ्य बोझ है। लाखों लोग लंबे समय तक दर्द सहते रहते हैं, जबकि उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि उनके लिए विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध है। इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन का उद्देश्य दर्द के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वैज्ञानिक पेन मेडिसिन की पहुंच को बढ़ाना और पेन मेडिसिन को एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी के रूप में मजबूत करना है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. अग्रवाल ने कहा आईएसएसपी का सरल संदेश है—‘क्या आप लंबे समय से दर्द से परेशान हैं? पेन फ़िज़िशियन (दर्द के डॉक्टर) से मिलें। हमारा प्रयास है कि यह संदेश अस्पतालों से निकलकर आम जनता तक पहुंचे, ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से लंबे समय तक दर्द सहने के लिए मजबूर न हो। आधुनिक पेन मेडिसिन में पुराने दर्द के लिए साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, हस्तक्षेपात्मक और इन दोनों क्षेत्रों की उपचार उपलब्ध हैं तथा उपयुक्त मरीजों में दर्द के इलाज के लिए कम से कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>सुपर-स्पेशियलिटी में रखने की जरूरत </strong></span></h3>
<p>कार्यक्रम में पेन मेडिसिन को एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पेन मेडिसिन में तेज़, लंबे समय तक रहने वाला, नसों से जुड़ा, कैंसर, मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ा तथा अन्य जटिल दर्द की विशेषज्ञतापूर्ण जांच, निदान और समग्र उपचार शामिल है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सितंबर को दर्द जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ (वैश्विक दर्द जागरूकता माह) न्यूरोपैथिक दर्द के लिए वैश्विक वर्ष को समर्पित है, जिसका उद्देश्य न्यूरोपैथिक दर्द के प्रभाव, पहचान, उपचार और शोध के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।</p>
<p>डॉ. आरएमएलआईएमएस के पेन मेडिसिन इकाई द्वारा आयोजित यह बीएमडी शिविर इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुदाय में जागरूकता, बीमारी की शुरुआती पहचान और दर्द से पीड़ित मरीजों को उचित विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;">आईएसएसपी का संदेश</span></h3>
<p>क्या आप लंबे समय से दर्द से परेशान हैं? पेन फ़िज़िशियन से मिलें।इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन देश में पेन मेडिसिन के क्षेत्र में जागरूकता, शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और बेहतर मरीज़ की देखभाल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है, ताकि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक और उपचार योग्य पुराने दर्द के साथ जीवन न बिताना पड़े।</p>
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