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	<title>गिरीश पति त्रिपाठी &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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		<title>भाजपा ही नहीं दूसरे दलों के दिग्‍गज भी मुक्‍त हृदय से करते थे डॉ एससी राय की प्रशंसा</title>
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		<pubDate>Mon, 28 Aug 2023 15:56:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="333" height="195" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11.jpg 333w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11-300x176.jpg 300w" sizes="(max-width: 333px) 100vw, 333px" />-मुख्‍य वक्‍ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए सुनाये संस्‍मरण -पूर्व महापौर डॉ एससी राय की पुण्‍यतिथि की पूर्व संध्‍या पर व्‍याख्‍यानमाला आयोजित -राम और लक्ष्‍मण की &#8216;नगरी&#8217; के महापौरों का नववर्ष चेतना समिति के मंच पर समागम &#160; सेहत टाइम्‍स लखनऊ। राज्‍यसभा सांसद व भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता डॉ सुधांशु &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="333" height="195" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11.jpg 333w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-11-300x176.jpg 300w" sizes="(max-width: 333px) 100vw, 333px" /><h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-मुख्&#x200d;य वक्&#x200d;ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए सुनाये संस्&#x200d;मरण</strong></span></h2>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-पूर्व महापौर डॉ एससी राय की पुण्&#x200d;यतिथि की पूर्व संध्&#x200d;या पर व्&#x200d;याख्&#x200d;यानमाला आयोजित</strong></span></h2>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-राम और लक्ष्&#x200d;मण की &#8216;नगरी&#8217; के महापौरों का नववर्ष चेतना समिति के मंच पर समागम</strong></span></h2>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="wp-image-43416 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/5-Group-photo-300x131.jpg" alt="" width="508" height="222" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/5-Group-photo-300x131.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/5-Group-photo.jpg 612w" sizes="(max-width: 508px) 100vw, 508px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>सेहत टाइम्&#x200d;स</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> राज्&#x200d;यसभा सांसद व भारतीय जनता पार्टी के राष्&#x200d;ट्रीय प्रवक्&#x200d;ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने समाजसेवी और लखनऊ के 10 वर्ष महापौर रह चुके डॉ एससी राय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि डॉ राय के व्&#x200d;यक्तित्&#x200d;व और उनकी स्&#x200d;वीकार्यता का आलम यह था कि भाजपा ही नहीं, दूसरे दलों के दिग्&#x200d;गज नेता भी उनकी मुक्&#x200d;त हृदय से प्रशंसा करते थे, ऐसी महान विभूति के लिए आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आकर मैं अपने आपको धन्&#x200d;य मान रहा हूं।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43409 alignleft" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-1-300x131.jpg" alt="" width="300" height="131" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-1-300x131.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Sudhanshu-1.jpg 612w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>डॉ सुधांशु डॉ राय की पुण्&#x200d;यतिथि की पूर्व संध्&#x200d;या (27 अगस्&#x200d;त) पर उनके व्&#x200d;यक्तित्&#x200d;व एवं कृतित्&#x200d;व को याद करने के लिए लखनऊ विश्&#x200d;वविद्यालय के समाज कार्य विभाग स्थित राधाकमल मुकर्जी सभागार में आयोजित व्&#x200d;याख्&#x200d;यानमाला में मुख्&#x200d;य वक्&#x200d;ता के रूप में सम्&#x200d;बोधित कर रहे थे। इसका आयोजन नववर्ष चेतना समिति द्वारा भारत विकास परिषद के सहयोग से किया गया। डॉ सुधांशु ने कहा कि डॉ राय का संगठन से लेकर ऊपर तक बहुत सम्&#x200d;मान था। इसके दो उदाहरण देते हुए डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि डॉ राय का कद और व्&#x200d;यक्तित्&#x200d;व भाजपा में ही नहीं, दूसरी पार्टी के लोगों में भी बहुत ऊंचा था, दो ऐसे प्रकरण हैं जो उनके इस महत्&#x200d;व को दर्शाते हैं। उन्&#x200d;होंने कहा कि वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार में जब कल्&#x200d;याण सिंह स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य मंत्री थे, उस दौरान डॉ राय का तबादला बलरामपुर अस्&#x200d;पताल से कर दिया गया। तबादले को रोकवाने के लिए बहुत से लोगों ने कल्&#x200d;याण सिंह से कहा लेकिन सूची बदली न जाने की नीति की निष्&#x200d;ठा से बंधे कल्&#x200d;याण सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए, उनका कहना था कि अगर एक का बदला तो यह गलत मैसेज जायेगा। बताते हैं कि इसके बाद इस विषय में चौधरी चरण सिंह ने कल्&#x200d;याण सिंह ने कहा कि डॉ राय तो आपकी ही पार्टी के हैं, उनका तबादला तो आप बदल ही सकते हैं, लेकिन कल्&#x200d;याण सिंह इसके लिए तैयार न थे। इसके बाद भाऊराव देवरस, जो कल्&#x200d;याण सिंह को संघ में लाये थे, से कहलाया गया तो उनसे भी कल्&#x200d;याण सिंह ने कहा कि आप मुझे बाल स्&#x200d;वयं सेवक के रूप में संघ में लाये थे, और आप मुझसे ऐसा करने को कह रहे हैं, तो भाऊराव ने कहा कि धर्मसंकट में न पड़ें, आपातकाल से लेकर बाद तक डॉ एससी राय की अथक सेवाओं को देखते हुए ऐसा करने में कोई हर्ज नहीं है, तब जाकर कल्&#x200d;याण सिंह इसके लिए राजी हुए।</p>
<p>डॉ सुधांशु ने बताया कि&#x200d; इसी प्रकार दूसरे वाक्&#x200d;या है कि 1998 के लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी बाजपेयी ने यहां स्&#x200d;थानीय स्&#x200d;टेट गेस्&#x200d;ट हाउस में प्रदेश भर में चुनावी समीक्षा के दौरान लखनऊ का नाम आने पर जिस तरह से डॉ एससी राय की प्रशंसा की, उसे सुनकर मैं अचंभित रह गया था। डॉ सुधांशु ने कहा कि ये दोनों किस्&#x200d;से डॉ राय की पीठ पीछे हुए, जो यह दर्शाता है कि उनकी छवि क्&#x200d;या रही होगी। उन्&#x200d;होंने कहा कि ऐसे महापुरुष को श्रद्धांजलि देने मैं यहां आया हूं, यह मेरे लिए सौभाग्&#x200d;य की बात है।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="wp-image-43419 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/7-ordiance-300x131.jpg" alt="" width="437" height="191" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/7-ordiance-300x131.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/7-ordiance.jpg 612w" sizes="(max-width: 437px) 100vw, 437px" /></p>
<h2><strong><span style="color: #ff0000;">अवध, अयोध्&#x200d;या, राम का अर्थ समझाया</span></strong></h2>
<p>उन्&#x200d;होंने कहा कि डॉ राय को श्रद्धांजलि देने इस कार्यक्रम में यहां लखनऊ और अयोध्&#x200d;या दोनों स्&#x200d;थानों के महापौर उपस्थित हैं, यह अद्भुत संयोग है। यह अवध क्षेत्र है, आज उत्&#x200d;तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, पहले अवध (अयोध्&#x200d;या) ही थी, ऐसे में कहा जा सकता है कि इस कार्यक्रम का यह मंच अधनातन और पुरातन का संगम है। लखनऊ तहजीब और अदब के लिए मशहूर है तो अयोध्&#x200d;या के तो कहने ही क्&#x200d;या। इस क्षेत्र के नामों में गूढ़ अर्थ छिपे हुए हैं। अवध का अर्थ है जहां वध न होता हो, किसी के प्रति हिंसा न हो, अयोध्&#x200d;या, जहां कोई युद्ध न हो, और उस अयोध्&#x200d;या में हैं राम। उन्&#x200d;होंने कहा कि राम शब्&#x200d;द संस्&#x200d;कृति के रम धातु से बना है, जिसका अर्थ है किसी चीज में रम जाना। वह तत्&#x200d;व जिसमें सारी सृष्टि रमी हुई है, वह राम हैं। उन्&#x200d;होंने कहा कि हम लोग अवध क्षेत्र में हैं, यह हमारे लिए सौभाग्&#x200d;य की बात है। डॉ सुधांशु ने अयोध्&#x200d;या में बन रहे राम मंदिर के वर्तमान काल और भगवान राम के काल की तुलना करते हुए ऐसे-ऐसे तर्क प्रस्&#x200d;तुत किये कि पूरा सभागार जोरदार तालियों से गूंज उठा।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43410 alignright" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/3-Girishpati-Tripathi-300x131.jpg" alt="" width="300" height="131" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/3-Girishpati-Tripathi-300x131.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/3-Girishpati-Tripathi.jpg 612w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>मोदी और योगी आज के विक्रमादित्&#x200d;य</strong></span></h2>
<p>समारोह के मुख्&#x200d;य अतिथि अयोध्&#x200d;या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि यह संयोग है कि मैं नववर्ष चेतना समिति का संयोजक हूं और आज अयोध्&#x200d;या का महापौर हूं, तथा डॉ एससी राय जिन्&#x200d;होंने नववर्ष चेतना समिति की स्&#x200d;थापना की थी, उनको श्रद्धांजलि देने यहां उपस्थित हुआ हूं। उन्&#x200d;होंने बताया कि अयोध्&#x200d;या में जो राम मंदिर तोड़ा गया था, उसे दो हजार साल पूर्व सम्राट विक्रमादित्&#x200d;य ने बनवाया था, आज वह मंदिर पुन: बन रहा है। आज जो मंदिर बन रहा है, उसमें विक्रमादित्&#x200d;य की भूमिका में प्रधानमंत्री नरेन्&#x200d;द्र मोदी और उत्&#x200d;तर प्रदेश के मुख्&#x200d;यमंत्री योगी आदित्&#x200d;यना&#x200d;थ हैं।</p>
<p>उन्&#x200d;होंने कहा कि विक्रम संवत का सभी के जीवन से बहुत महत्&#x200d;व है, उन्&#x200d;होंने कहा कि विवाह के लिए जो तिथि निेर्धारित होती है, वह विक्रम संवत से निर्धारित होती है, लेकिन इस तिथि को कोई याद नहीं रखता, विवाह की तारीख तो लोग याद रखते हैं, तिथि नहीं। यानी विक्रम संवत को हम लोग याद करने की कोशिश भी नहीं करते हैं। इसी प्रकार दीपावली की तारीख सब बता देंगे लेकिन यह नहीं बतायेंगे कि कार्तिक मास की अमावस्&#x200d;या को दीपावली मनायी जाती है, यानी निर्धारण किसी कैलेंडर से और स्&#x200d;मरण किसी कैलेंडर से, इसी विसंगति को दूर करने का काम नववर्ष चेतना समिति कर रही है। उन्&#x200d;होंने कहा कि आप लखनऊवासी अयोध्&#x200d;या के निकट सहोदर हैं, भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्&#x200d;मण की बसायी हुई नगरी के रहने वाले हैं। अयोध्&#x200d;या एक बड़ी सांस्&#x200d;कृतिक करवट ले रही है। अयोध्&#x200d;या और लक्ष्&#x200d;मणपुरी (लखनऊ) की सांस्&#x200d;कृतिक भूमिका बढ़ने जा रही है, इसके लिए अपने आप को तैयार करें। उन्&#x200d;होंने कहा कि कोई डॉक्&#x200d;टर कितना संवेदनशील हो सकता है, इसका अगर कोई उदाहरण है तो वह है डॉ एससी राय।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43411 alignleft" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/4-Dr.Girish-Gupta-204x300.jpg" alt="" width="204" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/4-Dr.Girish-Gupta-204x300.jpg 204w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/4-Dr.Girish-Gupta.jpg 606w" sizes="(max-width: 204px) 100vw, 204px" /></p>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>मंदिर तोड़ने वालों को सब जानते हैं, बनाने वालों को नहीं</strong></span></h2>
<p>इससे पूर्व समारोह की शुरुआत में आये हुए अतिथियों का स्&#x200d;वागत करते हुए नववर्ष चेतना समिति के अध्&#x200d;यक्ष डॉ गिरीश गुप्&#x200d;ता ने कहा कि वे डॉ राय के सम्&#x200d;पर्क में उत्&#x200d;तराखंड में आये हुए भूकम्&#x200d;प के दौरान आये। उस समय हम लोग उनके पास भूकम्&#x200d;प प्रभावित लोगों के लिए सहायता लेने गये थे, उसी समय उन्&#x200d;होंने भारत विकास परिषद से मुझे परिचित कराया। इसके बाद 2009 में यह विचार आया कि जिस भारतीय कैलेंडर से हमारे जन्&#x200d;म से लेकर मृत्&#x200d;यु तक की तिथियों की गणना की जाती है उसी भारतीय नववर्ष को नयी पीढ़ी भूलती जा रही है, विक्रम नववर्ष के प्रचार प्रसार के उद्देश्&#x200d;य से डॉ एससी राय ने नववर्ष चेतना समिति का गठन किया, और मुझे बुलाकर इसके अध्&#x200d;यक्ष पद की जिम्&#x200d;मेदारी सौंपी, इस प्रकार पिछले 14 वर्षों से हम लोग प्रत्&#x200d;येक वर्ष भारतीय नववर्ष समारोहपूर्वक मनाते आ रहे हैं। उन्&#x200d;होंने कार्यक्रम की अध्&#x200d;यक्षता कर रही लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल से आग्रह किया कि जिस प्रकार पूर्व के महापौरों ने इस कार्यक्रम को अपना सहयोग दिया है, उसी प्रकार के सहयोग की उनसे भी समिति को आशा है।</p>
<h2><strong><span style="color: #ff0000;">लखनऊ और अयोध्&#x200d;या में स्&#x200d;थापित हो सम्राट विक्रमादित्&#x200d;य की मूर्ति</span></strong></h2>
<p>डॉ गिरीश ने बताया कि हमारी समिति की ओर से राष्&#x200d;ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से यह अनुरोध किया गया है कि सरकारी कामकाज में प्रयोग किये जाने वाले शक संवत कैलेंडर के स्&#x200d;थान पर विक्रम संवत वाले कैलेंडर का प्रयोग करें, क्&#x200d;योंकि शक वे लोग थे जो भारत के बाहर से हम पर हमला करके आये थे, इन्&#x200d;हीं शकों को सम्राट विक्रमादित्&#x200d;य ने भारत की सीमा तक खदेड़ा था। उन्&#x200d;होंने कहा कि मुझे विश्&#x200d;वास है कि जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी या मुख्&#x200d;यमंत्री योगी तक यह बात पहुंच गयी तो उनके द्वारा शक संवत वाले कैलेंडर के स्&#x200d;थान पर विक्रम संवत वाले कैलेंडर को मान्&#x200d;यता मिल जायेगी। उन्&#x200d;होंने कहा कि मैंने इस&#x200d; विषय में डॉ सुधांशु से भी बात की है, उन्&#x200d;होंने कहा कि मेरे विचार से इसका प्रस्&#x200d;ताव अयोध्&#x200d;या के महापौर, लखनऊ की महापौर की ओर से सरकार तक जाये।</p>
<p>उन्&#x200d;होंने दोनों महापौर से यह आग्रह किया कि राम मंदिर बनवाने वाले सम्राट विक्रमादित्&#x200d;य की एक मूर्ति अयोध्&#x200d;या में और एक मूर्ति लखनऊ में लगे, जिससे लोगों को यह स्&#x200d;मरण रहे कि अयोध्&#x200d;या में मंदिर किसने बनवाया था क्&#x200d;योंकि अयोध्&#x200d;या का राम मंदिर, काशी का विश्&#x200d;वनाथ मंदिर किसने तोड़ा यह तो सब जानते हैं, लेकिन इसे बनवाया किसने था, इसके बारे में शायद ही कोई जानता हो, क्&#x200d;योंकि इसका प्रचार प्रसार नहीं किया गया, जानबूझकर इति&#x200d;हास से इन बातों को अलग रखा गया, उन्&#x200d;होंने कहा कि ऐसे में इस तथ्&#x200d;य का प्रचार-प्रसार करने की आवश्&#x200d;यकता है कि अयोध्&#x200d;या का मंदिर दो हजार साल पूर्व उज्&#x200d;जैन से आकर सम्राट विक्रमादित्&#x200d;य ने बनवाया था। उसमें 84 खम्&#x200d;भे थे, ये 84 खम्&#x200d;भे इस बात का प्रतीक थे, कि सम्राट विकमादित्&#x200d;य की भगवान राम की 84वीं पीढ़ी के थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43412 alignright" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/2-Diwakar-Tripathi-226x300.jpg" alt="" width="226" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/2-Diwakar-Tripathi-226x300.jpg 226w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/2-Diwakar-Tripathi.jpg 509w" sizes="(max-width: 226px) 100vw, 226px" /></h2>
<p>समारोह को सम्&#x200d;बोधित करते हुए विशिष्&#x200d;ट अतिथि रिटायर्ड आईएएस दिवाकर त्रिपाठी ने डॉ राय से जुड़े कई संस्&#x200d;मरण सुनाये, उन्&#x200d;होंने बताया कि किस प्रकार घोर विषम परिस्थितियों में डॉ राय द्वारा उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य किया गया। दूसरे विशिष्&#x200d;ट अतिथि डॉ एससी राय के सुपुत्र समाजसेवी संदीप राय ने कहा कि मेरे पिता को गये हुए सात वर्ष हो गये, उनके वर्षों पूर्व महापौर पद पर रहने और ऐक्टिव चिकित्&#x200d;सीय प्रैक्टिस करने को इतना समय बीतने के बाद भी यदि आप लोग याद कर रहे हैं, यह इस बात को दर्शाता है कि सच्&#x200d;चाई, ईमानदारी, साधना का दीप जो उन्&#x200d;होंने प्रज्&#x200d;ज्&#x200d;वलित किया था वह आज भी जल रहा है। उन्&#x200d;होंने डॉ राय से जुड़े अनेक संस्&#x200d;मरण सुनाये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2></h2>
<h2><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43413 alignleft" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/6-Sushma-Kharakwal-246x300.jpg" alt="" width="246" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/6-Sushma-Kharakwal-246x300.jpg 246w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/6-Sushma-Kharakwal.jpg 583w" sizes="(max-width: 246px) 100vw, 246px" /></h2>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>महापौर ने नगर निगम को बताया काजल की कोठरी</strong></span></h2>
<p>कार्यक्रम की अध्&#x200d;यक्षता कर रही लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपने सम्&#x200d;बोधन में कहा कि डॉ एससी राय एक काबिल सर्जन के साथ एक कुशल नेता थे। मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करती हूं कि सीधे जनता से चुने हुए पहले महापौर डॉ एससी राय जिस कुर्सी पर बैठते थे, उस पर मुझे बैठने का सौभाग्&#x200d;य मिला है।</p>
<p>उन्&#x200d;होंने कहा कि डॉ राय के कार्यकाल में ही लखनऊ को प्रथम वृद्धाश्रम मिला। उन्&#x200d;होंने कहा कि नगर निगम वाकई काजल की कोठरी है, यह मैंने तीन माह में ही जान लिया है, लेकिन जनता ने मुझे जो जिम्&#x200d;मेदारी सौंपी है, उस पर मैं पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करूंगी।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43414 alignright" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Rekha-Tripathi-247x300.jpg" alt="" width="247" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Rekha-Tripathi-247x300.jpg 247w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Rekha-Tripathi.jpg 616w" sizes="(max-width: 247px) 100vw, 247px" /></p>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8230;परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की</strong></span></h2>
<p>नववर्ष चेतना समिति की संरक्षक रेखा त्रिपाठी ने अपने सम्&#x200d;बोधन में कहा कि आज हम सब नववर्ष चेतना समिति के संस्&#x200d;थापक तथा अपने जीवन के अंतिम समय तक समिति के मुख्&#x200d;य संरक्षक के रूप में हम सबका मार्गदर्शन करने वाले डॉ एससी राय को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित व्&#x200d;याख्&#x200d;यानमाल में एकत्रित हुए हैं। उन्&#x200d;होंने डॉ राय के बारे में कई बातों को बताते हुए कहा कि डॉ राय शल्&#x200d;य चिकित्&#x200d;सा के लिए उपकरणों को हाथ में लेने से पूर्व महामृत्&#x200d;युंजय मंत्र का जाप करते थे। जब तक मरीज अपने पैरों पर खड़े होकर अस्&#x200d;पताल से चला नहीं जाता, तब तक अपनी पूरी जिम्&#x200d;मेदारी के साथ उसकी देखभाल करते थे। उन्&#x200d;होंने अपने कौशल से न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। वे हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। उन्&#x200d;होंने कहा कि आज के मुख्&#x200d;य वक्&#x200d;ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी के लिए मैं दो लाइन कहना चाहती हूं कि &#8216;वह खुद ही नाप लेते हैं बुलंदिया आसमानों की, परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की&#8217;।</p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-medium wp-image-43415 alignleft" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Dr.Sunil-Agarwal-282x300.jpg" alt="" width="282" height="300" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Dr.Sunil-Agarwal-282x300.jpg 282w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2023/08/Dr.Sunil-Agarwal.jpg 482w" sizes="(max-width: 282px) 100vw, 282px" /></p>
<h2><span style="color: #ff0000;"><strong>कठिन होना सरल है, सरल होना कठिन</strong></span></h2>
<p>मंच का कुशल संचालन करते हुए समिति के सचिव डॉ सुनील कुमार अग्रवाल ने किया। इस दौरान उन्&#x200d;होंने नववर्ष चेतना समिति के बारे में बताते हुए डॉ राय से जुड़े अनेक संस्&#x200d;मरणों को साझा किया। उन्&#x200d;होंने डॉ राय के लिए कहा कि व्&#x200d;यक्ति का कठिन (कठोर) होना सरल है जबकि सरल होना कठिन है। समिति द्वारा मंचासीन सभी अतिथियों का विशेष सम्&#x200d;मान के साथ ही आये हुए अन्&#x200d;य अतिथियों में पूर्व मंत्री डॉ महेन्&#x200d;द्र, लखनऊ विश्&#x200d;वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के विभागाध्&#x200d;यक्ष डॉ अनूप भारतीय व डॉ एससी राय की सुपुत्री वंदना राय का भी विशेष सम्&#x200d;मान किया गया। आयोजन में रो. अजय सक्&#x200d;सेना का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर भारत विकास परिषद के मदन लाल अग्रवाल, दिनेश चन्&#x200d;द्र मिश्रा, आयोजन समिति के डॉ हरेन्&#x200d;द्र कुमार, श्&#x200d;याम जी त्रिपाठी व राकेश कुमार यादव सहित नववर्ष चेतना समिति के सभी पदाधिकारी के साथ लगभग दो सौ लोगों से ज्&#x200d;यादा की उपस्थिति&#x200d; रही।</p>
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