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	<title>आशा की किरण &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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	<title>आशा की किरण &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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		<title>आशा की किरण फूट चुकी है, रोशनी फैलने वाली है&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 21 Jun 2019 02:42:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="699" height="411" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1.jpg 699w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1-300x176.jpg 300w" sizes="(max-width: 699px) 100vw, 699px" />न्‍यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर वाले बच्‍चों के इलाज करने वाले ब्रेन रक्षक तैयार हो रहे ब्रेन रक्षक डॉ टीआर यादव से &#8216;सेहत टाइम्‍स&#8216; की खास बातचीत लखनऊ। बच्‍चों की न्‍यूरोलॉजिकल समस्‍याओं का हल होना बहुत जरूरी है, मैंने अपने चिकित्‍सीय कार्यकाल में अनेक बच्‍चों को न्‍यूरोलॉजिकल समस्‍याओं जैसे बोल न पाना, चल न पाना, पढ़ लेना लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="699" height="411" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1.jpg 699w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.-TR-Yadav.jpg-1-300x176.jpg 300w" sizes="(max-width: 699px) 100vw, 699px" /><p><span style="color: #0000ff;"><strong>न्&#x200d;यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर वाले बच्&#x200d;चों के इलाज करने वाले ब्रेन रक्षक तैयार हो रहे</strong></span></p>
<p><span style="color: #0000ff;"><strong>ब्रेन रक्षक डॉ टीआर यादव से </strong><strong>&#8216;</strong><strong>सेहत टाइम्&#x200d;स</strong><strong>&#8216;</strong><strong> की खास बातचीत</strong></span></p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="wp-image-12219 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.TR-Yadav-300x177.jpg" alt="" width="454" height="268" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.TR-Yadav-300x177.jpg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.TR-Yadav-768x452.jpg 768w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2019/06/Dr.TR-Yadav-1024x603.jpg 1024w" sizes="(max-width: 454px) 100vw, 454px" /></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> बच्&#x200d;चों की न्&#x200d;यूरोलॉजिकल समस्&#x200d;याओं का हल होना बहुत जरूरी है, मैंने अपने चिकित्&#x200d;सीय कार्यकाल में अनेक बच्&#x200d;चों को न्&#x200d;यूरोलॉजिकल समस्&#x200d;याओं जैसे बोल न पाना, चल न पाना, पढ़ लेना लेकिन समझ न पाना, दौरे पड़ना जैसी तकलीफों से जूझते देखा है। ऐसे बच्&#x200d;चों को जब देखता था तो बहुत आत्&#x200d;मग्&#x200d;लानि होती थी कि मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं, क्&#x200d;योंकि बच्&#x200d;चों की न्&#x200d;यूरोलॉजी के इलाज के लिए तब कोई कोर्स ही उपलब्&#x200d;ध नहीं था, जिसे मैं कर लेता। मैं मानता हूं कि ऐसे बच्&#x200d;चों को उचित तरीके से इलाज उपलब्&#x200d;ध कराना एक बड़ी चुनौती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह कहना है उत्&#x200d;तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ निवासी निजी क्&#x200d;लीनिक चलाने वाले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ टीआर यादव का। इस विषय को लेकर <strong>‘सेहत टाइम्&#x200d;स’</strong> ने डॉ टीआर यादव से विशेष वार्ता की। डॉ यादव ने कहा कि  बच्&#x200d;चों की न्&#x200d;यूरोलॉजी बड़ों से अलग होने के कारण इसका इलाज पीडियाट्रि&#x200d;क न्&#x200d;यूरोलॉजिस्&#x200d;ट ही बेहतर तरीके से कर सकता है, और दुर्भाग्&#x200d;य से ऐसे विशेषज्ञों का नितांत अभाव है। हालांकि अब जब इस समस्&#x200d;या के समाधान के लिए एसोसिएशन ऑफ चाइल्&#x200d;ड ब्रेन रिसर्च के संस्&#x200d;थापक डॉ राहुल भारत ने बीड़ा उठाया है तो इससे एक आशा अवश्&#x200d;य जगी है क्&#x200d;योंकि चार फेज की रिसर्च के बाद उन्&#x200d;होंने इसके उपचार का यह कार्यक्रम तैयार किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आपको बता दें कि डॉ राहुल भारत ने पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी की पढ़ाई कैंब्रिज यूके से की है। डॉ राहुल ब्रिटिश पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी एसोसिएशन के सदस्यऔर पीडियाट्रिक एपिलेप्सी ट्रेनिंग के ट्रेनर हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल चाइल्ड न्यूरोलॉजी एसोसिएशन और रॉयल कॉलेज एंड पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ लंदन के सदस्य भी हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ यादव के अतीत में झांकने पर पता चला कि उत्&#x200d;तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक गांव में जन्&#x200d;मे डॉ यादव की हाईस्&#x200d;कूल तक की शिक्षा जौनपुर में हुई तथा फि&#x200d;र इंटरमीडिएट उन्&#x200d;होंने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से किया। इसके बाद इनका चयन मेडिकल में हो गया तो एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। आगे विशेषज्ञता की पढ़ाई के लिए एमडी कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से किया। वे बताते हैं कि सीनियर रेजीडेंट के रूप में मैंने दिल्&#x200d;ली के आरएमएल इंस्&#x200d;टीट्यूट में कार्य किया। इसके बाद अब लखनऊ में प्राइवेट क्&#x200d;लीनिक चला रहा हूं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ यादव ने बताया कि बच्&#x200d;चों की न्&#x200d;यूरोलॉजी के आधार पर न्&#x200d;यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का इलाज करना ए&#x200d;क बड़ी चुनौती है। अपना उदाहरण देते हुए उन्&#x200d;होंने बताया कि मेरे पास ही बहुत से ऐसे लक्षणों वाले बच्&#x200d;चे आते थे, मुझे जब कुछ समय में नहीं आता था तो मैं मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर देता था, चूंकि मेडिकल कॉलेज में भारी भीड़ होने के कारण बच्&#x200d;चे को दिखाना मुश्किल होता था तो लोग वहां जाने की हिम्&#x200d;मत नहीं करते थे, उनका कहना होता था कि आपके पास कोई इलाज हो तो बताइये, मेडिकल कॉलेज नहीं ले जायेंगे। फि&#x200d;र मेरी एक बार एक कॉन्&#x200d;फ्रेंस में डॉ राहुल भारत से मुलाकात हुई और ऐसे बच्&#x200d;चों के उपचार के लिए उनकी रिसर्च के बारे में पता चला।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्&#x200d;होंने बताया कि डॉ राहुल ने ऐसे बच्&#x200d;चों तक इलाज की पहुंच आसान बनाने के लिए हर जिले में ब्रेन रक्षक तैयार करने के लिए बाल रोग विशेषज्ञों को चुनने का निर्णय लिया।  इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। इन पीडियाट्रीशियंस को डॉ राहुल ने अपनी रिसर्च से तैयार किये पाठ्यक्रम के माध्&#x200d;यम से न्&#x200d;यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर वाले बच्&#x200d;चों का उपचार करने संबंधी प्रशिक्षण देने का बीड़ा उठाया है। एसोसिएशन ऑफ चाइल्&#x200d;ड ब्रेन रिसर्च के बैनर तले दिये जाने वाले इस प्रशिक्षण में बाल रोग विशेषज्ञों को ब्रेन रक्षक के रूप में तैयार किया जा रहा है। अ&#x200d;भियान की औपचारिक शुरुआत अगस्&#x200d;त माह से होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ब्रेन रक्षक अभियान से जुड़ने के बारे में उन्&#x200d;होंने बताया कि डॉ राहुल के एक कार्यक्रम में मैं शामिल हुआ था। चूंकि अपनी इंटर्नशिप के समय से ही मुझे बच्&#x200d;चों की इस दिक्&#x200d;कत को दू्र करने के प्रति रुचि थी लेकिन मजबूर था कि ऐसा कोई कोर्स ही उपलब्&#x200d;ध नहीं था। डॉ राहुल के बारे में उन्&#x200d;होंने बताया कि डॉ राहुल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह जो भी होता है, साफ बोल देते हैं, अगर उन्&#x200d;हें लगता है कि बच्&#x200d;चे के इलाज में किसी डॉक्&#x200d;टर द्वार दवा बहुत ज्&#x200d;यादा चलायी जा रही हैं, तो वह साफ-साफ कह देते हैं कि यह गलत है, भले ही इस साफगोई से उन्&#x200d;हें कोई नुकसान हो जाये।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ यादव ने कहा कि हम लोगों का लक्ष्&#x200d;य यह है कि इस कार्यक्रम को पहले चरण में लखनऊ से शुरुआत करके प्रदेश के अन्&#x200d;य जिलों में भी ले जाया जाये ताकि पीड़ित बच्&#x200d;चों को उनके घर के नजदीक गुणवत्&#x200d;तायुक्&#x200d;त इलाज मिल सके। हम इसे एक चुनौती के रूप में स्&#x200d;वीकार कर रहे हैं।</p>
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