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	<title>अनावश्यक भीड़ &#8211; Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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		<title>सरकारी हों या प्राइवेट अस्‍पताल, अनावश्‍यक भीड़ को आने से सख्‍ती से रोकना होगा</title>
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		<pubDate>Thu, 19 Mar 2020 05:19:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="318" height="145" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png 318w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times-300x137.png 300w" sizes="(max-width: 318px) 100vw, 318px" />-लापरवाही या अनदेखी करने वाले लोग भुक्‍तभोगी देशों से सबक लें -इस कठिन दौर में शक्ति और विवेक दोनों का इस्‍तेमाल होना जरूरी -मौजूदा परिस्थिति में डरने की नहीं, सतर्कता के साथ लड़ने की जरूरत  धर्मेन्‍द्र सक्‍सेना लखनऊ। कोरोना वायरस से पूरा देश लड़ रहा है, यह ऐसी लड़ाई है जिसे सरकार के साथ ही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="318" height="145" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" decoding="async" loading="lazy" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png 318w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times-300x137.png 300w" sizes="(max-width: 318px) 100vw, 318px" /><h5><span style="color: #0000ff;"><strong>-लापरवाही या अनदेखी करने वाले लोग भुक्&#x200d;तभोगी देशों से सबक लें</strong></span></h5>
<h5><span style="color: #0000ff;"><strong>-इस कठिन दौर में शक्ति और विवेक दोनों का इस्&#x200d;तेमाल होना जरूरी</strong></span></h5>
<h5><span style="color: #0000ff;"><strong>-मौजूदा परिस्थिति में डरने की नहीं</strong><strong>, सतर्कता के साथ लड़ने की जरूरत</strong><strong> </strong></span></h5>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="aligncenter wp-image-18280" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png" alt="" width="402" height="184" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times.png 318w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Sehat-Times-300x137.png 300w" sizes="(max-width: 402px) 100vw, 402px" /></p>
<p><strong>धर्मेन्&#x200d;द्र सक्&#x200d;सेना</strong></p>
<p><img decoding="async" loading="lazy" class="size-full wp-image-18283 alignleft" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Dharmendra.jpg" alt="" width="160" height="160" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Dharmendra.jpg 160w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Dharmendra-150x150.jpg 150w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2020/03/Dharmendra-45x45.jpg 45w" sizes="(max-width: 160px) 100vw, 160px" /></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> कोरोना वायरस से पूरा देश लड़ रहा है, यह ऐसी लड़ाई है जिसे सरकार के साथ ही सभी को मिलकर लड़ना है, इसके खिलाफ लड़ाई आसान नहीं है, भारत एक विकासशील देश है, जब&#x200d;कि विकसित देशों को इससे लड़ने में पसीने आ रहे हैं, ऐसे में हमारे सभी के प्रयासों से ही इससे निपटना आसान होगा। वैसे भी संयुक्&#x200d;त प्रयास से किया गया कार्य बोझ नहीं महसूस होता है। हमें सह समझना होगा कि यह हम सबकी भलाई के लिए ही है, इसलिए हम अपने विवेक का इस्&#x200d;तेमाल करते हुए इस महामारी से लड़ें।</p>
<p>इसका दूसरा पहलू यह है कि मानव जीवन के हित में भय बिन होय न प्रीत वाली कहावत को ध्&#x200d;यान में रखते हुए सरकार को अगर किसी प्रकार की सख्&#x200d;ती करनी पड़े तो उसे भी करना चाहिये। कोरोना वायरस जैसी महामारी से लोगों को बचाने के लिए की गयी सख्&#x200d;ती जिनके साथ की जायेगी, उन्&#x200d;हें भी बाद में अहसास होगा कि ऐसा उनके भले के लिए ही किया गया था। स्&#x200d;वस्&#x200d;थ और बीमार दोनों ही लोगों के लिए अस्&#x200d;पताल ऐसी जगह है जहां संक्रमण का खतरा सर्वाधिक होता है, ऐसे में सरकारी हों या प्राइवेट अस्&#x200d;पताल, इन अस्&#x200d;पतालों से अनावश्&#x200d;यक भीड़ को हटाना सख्&#x200d;ती से लागू करना पड़ेगा।</p>
<h6><span style="color: #0000ff;"><strong>बच्&#x200d;चों की तरह करना होगा ट्रीट </strong></span></h6>
<p>महत्&#x200d;वपूर्ण बात यह है कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन हर स्&#x200d;तर पर हो, इसके लिए लोग खुद भी जागरूक हों, और अगर खुद जागरूक न हों तो उन्&#x200d;हें अगर जबरन जागरूक करना पड़े तो कराया जाये। चूंकि यह काम जनहित का है, तो उसमें जबरदस्&#x200d;ती कराने का अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिये कि इसके पीछे की भावना द्वेषपूर्ण है। इसे इस तरह समझना होगा कि जिस तरह हम अपने छोटे बच्&#x200d;चे के हित को देखते हुए उसे वही करने की सलाह देते हैं जो उसके लिए उचित हो, और अगर वह नहीं समझता है तो उसके साथ सख्&#x200d;ती भी करते हैं, तो इसके पीछे भाव यह नहीं होता है कि बच्&#x200d;चे से आपको दुश्&#x200d;मनी है, बल्कि इसके उलट भाव यह होता है कि आप बच्&#x200d;चे का भला चाहते हैं।</p>
<p>मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार कुछ उदाहरणों की बात की जाये तो पढ़े-लिखे लोग इस तरह की लापरवाही कर रहे हैं। जैसे बांदा में एक युवक जो पुणे में संक्रमित घोषित किया गया था, भागकर अपने गांव आ गया, यहां 8-10 दिन के बाद जब तबीयत बिगड़ी तो उसे जिला अस्&#x200d;पताल ले जाया गया। आगरा की महिला के केस में भी यही बात सामने आयी थी। आखिर इस तरह की लापरवाही से लोग अपने साथ-साथ अपने प्रियजनों और समाज सभी का नुकसान कर रहे हैं। ऐसे में इस नुकसान को रोकना अत्&#x200d;यंत आवश्&#x200d;यक है।</p>
<h6><span style="color: #0000ff;"><strong>संयुक्&#x200d;त प्रयास जरूरी</strong></span></h6>
<p>केंद्र सरकार हों या राज्&#x200d;य सरकारें, सभी अपनी ओर से पूरे मनोयोग से इसके खिलाफ लड़ रही हैं, यही नहीं गैर सरकारी संस्&#x200d;थायें हों या फि&#x200d;र व्&#x200d;यक्तिगत स्&#x200d;तर पर भी काफी प्रयास हो रहे हैं, लेकिन यहां यह समझना बहुत जरूरी है कि यहां कुछ लोगों के प्रयास या जागरूकता से काम नहीं चलेगा, इसमें सभी की भागीदारी जरूरी है, क्&#x200d;योंकि एक लापरवाही मनोयोग से काम करने वाले की मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसे क्रिकेट की भाषा में समझें तो यह ऐसा ही है कि आपने गेंद तो पूरी घुमावदार फेंककर बल्&#x200d;लेबाज को चकमा दिया जिससे उसने कैच उछाल दिया लेकिन फील्&#x200d;डर ने लापरवाही दिखाते हुए कैच छोड़ दिया।</p>
<p>यहां यह बात इस संदर्भ में कही जा रही है कि जैसे भीड़-भाड़, संक्रमण से बचने के लिए सरकार द्वारा जो एडवाइजरी जारी की गयी है, उसका पालन सख्&#x200d;ती से कराया जाये। इसमें अस्&#x200d;पताल ऐसी जगहें हैं जहां संक्रमण का खतरा सबसे ज्&#x200d;यादा होता है। ऐसी जगहों पर क्&#x200d;यों न कुछ पाबंदियां सख्&#x200d;ती से लागू करा दी जायें, अस्&#x200d;पतालों में भी सिर्फ सरकारी अस्&#x200d;पताल ही नहीं बल्कि प्राइवेट अस्&#x200d;पताल भी शामिल हों, इन पाबंदियों में मरीज के साथ रहने वाली अनावश्&#x200d;यक भीड़ को हटाना अत्&#x200d;यंत आवश्&#x200d;यक है। यानी एक मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार के रहने का नियम बनायें अन्&#x200d;यथा की स्थिति में भारी भुगतान या जुर्माना लागू किया जा सकता है जैसे कि रेलवे विभाग ने किया है कि प्&#x200d;लेटफॉर्म पर भीड़ को कम करने के लिए प्&#x200d;लेटफॉर्म का टिकट पांच गुना करते हुए 10 रुपये से 50 रुपये कर दिया। हालांकि इसमें यह तर्क दिया जा सकता है कि पांच गुना खर्च करके भी लोग जायेंगे लेकिन जानेवालों की संख्&#x200d;या पर कुछ तो असर पड़ेगा।</p>
<h6><span style="color: #0000ff;"><strong>चंडीगढ़ पीजीआई का अच्&#x200d;छा कदम</strong></span></h6>
<p>इस मामले में चंडीगढ़ पीजीआई ने अच्&#x200d;छा कदम उठाया है, संस्&#x200d;थान ने भी अपने यहां जो एडवाइजरी जारी की है उसमें कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर, पीजीआईएमईआर प्रशासन द्वारा आम जनता को पीजीआई ओपीडी में मामूली या नियमित बीमारियों के लिए न आने  की सलाह दी है। इसी प्रकार कहा गया है कि ओपीडी में आने वाले या विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को केवल एक परिचर के साथ जाना चाहिए। यह भी कहा गया है कि जो मरीज पोस्ट-ट्रांसप्लांट, कैंसर और क्रोनिक रीनल फेल्योर जैसे पुराने विकारों से पीड़ित हैं और जो इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड हैं, उन्हें भीड़भाड़ वाले क्लीनिकों में नियमित ओपीडी के दौरे से बचना चाहिए, जब तक कि यह बहुत आवश्यक न हो। इसके साथ ही एडवाइजरी में कहा गया है कि आसपास के राज्यों के चिकित्सा संस्थानों और सिविल अस्पतालों से भी अनुरोध किया जाता है कि जब तक कोई आपात स्थिति न हो, तब तक मरीजों को पीजीआई रेफर करने से बचें।</p>
<h6><span style="color: #0000ff;"><strong>दूसरे देशों से सबक लेना होगा</strong></span></h6>
<p>यहां यह ध्&#x200d;यान रखना आवश्&#x200d;यक है कि लापरवाही के चलते दूसरे देशों में इसका क्&#x200d;या प्रभाव पड़ा, उससे सबक लिया जाये, कि वे लोग आज घरों में कैदी की तरह रहने को मजबूर हैं। एक और सर्वाधिक महत्&#x200d;वपूर्ण बात यह है कि इस विषम परिस्थिति में डरने की नहीं इससे हिम्&#x200d;मत के साथ लड़ने की जरूरत है।</p>
<p><em><strong>(‘सेहत टाइम्&#x200d;स’ ने सभी लोगों के हित को ध्&#x200d;यान में रखते हुए इस लेख के माध्&#x200d;यम से अपने विचार रखे हैं)</strong></em></p>
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