Tuesday , August 23 2022

लचर व्यवस्था : डॉक्टरों को सुरक्षा कैसे देगी पुलिस जब एक्ट की ही जानकारी नहीं

उत्तर प्रदेश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट-2013′ को लेकर थानों को दिशा निर्देश के लिए आईएमए ने डीजीपी को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। जिस व्यवस्था की गाड़ी को अपने आप पटरी पर चलना था, उस को धक्का देने के लिए चिकित्सकों को आगे आना पड़ा पड़ा है। जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में ‘उत्तर प्रदेश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट-2013’  पारित होने के बाद भी इसके बारे में थानों को कोई जानकारी न होने की। इसके बारे में निर्देश के लिए आईएमए ने ज्ञापन सौंपा है।

आईएमए के अनुसार इस एक्ट के बारे में पुलिस थानों तक कोई सूचना पहुंची ही नहीं है।  इसे व्यवस्था में घोर खामी ही कहा जायेगा। अक्सर हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक में तोड़फोड़, चिकित्सकों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। इसी के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर यह एक्ट पारित किया गया है। इस बारे में आईएमए की लखनऊ शाखा के अध्यक्ष डॉ सूर्यकांत ने बताया कि इस सम्बन्ध में राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश के थानों, चौकियों, मुख्यालयों में तैनात पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इस एक्ट के बारे में दिशा निर्देश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को आईएमए की लखनऊ शाखा की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है।डॉ सूर्यकांत ने बताया कि आईएमए 1 जुलाई से 8 जुलाई तक राष्ट्रव्यापी चिकित्सा सुरक्षा सप्ताह मना रहा है।

चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को सम्बोधित अध्यक्ष डॉ सूर्यकांत तथा सचिव डॉ जेडी रावत के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन के साथ एक्ट की प्रतिलिपि तथा थानों पर एक्ट के संबंध में लगाये जाने वाले बोर्ड का प्रारूप भी संलग्न किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

20 + nineteen =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.