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	<title>breakingnews Archives - Sehat Times | सेहत टाइम्स</title>
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	<description>Health news and updates &#124; Sehat Times</description>
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		<title>शिशु को मां का दूध मिलना सुनिश्चित करेगा फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट</title>
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		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:33:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="1280" height="628" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg 1280w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-300x147.jpeg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-1024x502.jpeg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-768x377.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /><p>-राज्य स्तरीय ’’ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स सम्पन्न, यह कार्यक्रम शुरू करने वाला यूपी पहला राज्य सेहत टाइम्स लखनऊ। नवजात शिशुओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक और महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए ’’फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट (Facility-Based Lactation Management)’’ विषय पर राज्य स्तरीय ’’ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="1280" height="628" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin-bottom: 5px; clear:both;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg 1280w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-300x147.jpeg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-1024x502.jpeg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-768x377.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /><h2><span style="color: #ff0000;"><strong>-राज्य स्तरीय ’’ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स सम्पन्न, यह कार्यक्रम शुरू करने वाला यूपी पहला राज्य</strong></span></h2>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-60219 aligncenter" src="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg" alt="" width="1280" height="628" srcset="http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1.jpeg 1280w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-300x147.jpeg 300w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-1024x502.jpeg 1024w, http://sehattimes.com/wp-content/uploads/2026/07/Mother-Milk-1-768x377.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>सेहत टाइम्स</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> नवजात शिशुओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक और महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए ’’फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट (Facility-Based Lactation Management)’’ विषय पर राज्य स्तरीय ’’ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (State ToT) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट के लिए विकसित विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कुमार घोष द्वारा किया गया। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन बैचों में ’’29-30 जून, 1-2 जुलाई एवं 3-4 जुलाई, 2026’’ को होटल ताजमहल, लखनऊ में आयोजित किया गया। ज्ञात हो इस योजना को स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पतालों में स्तनपान के सही तरीकों, परामर्श और स्तनपान प्रबंधन (लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर और ह्यूमन मिल्क बैंक) का कौशल प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>जीवन का पहला और सर्वोत्तम पोषण है माँ का दूध</strong></span></h3>
<p>श्री घोष ने कहा, माँ का दूध प्रत्येक नवजात शिशु के लिए जीवन का पहला और सर्वोत्तम पोषण है। जन्म के प्रथम घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करना तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देना शिशु के स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई में माताओं को स्तनपान संबंधी गुणवत्तापूर्ण परामर्श एवं आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित कर उत्तर प्रदेश ने देश में एक नई पहल की है।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रत्येक प्रसूता को स्तनपान के लिए प्रेरित किया जायेगा</strong></span></h3>
<p>यह मॉड्यूल स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता को सुदृढ़ करेगा तथा राज्यभर में स्तनपान प्रबंधन सेवाओं को अधिक प्रभावी, मानकीकृत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रशिक्षण केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों में माताओं के प्रति संवेदनशीलता, व्यावहारिक कौशल एवं समयबद्ध सहयोग की संस्कृति को भी सुदृढ़ करेगा। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक प्रसूता को प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान प्रारंभ कराने के लिए प्रशिक्षित सहायता उपलब्ध हो और प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश की यह अभिनव पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगी।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>फॉर्मूला फीड का उपयोग किया जायेगा न्यूनतम</strong></span></h3>
<p>इस पहल का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नवजात, विशेषकर ’’कम जन्म वजन (Low Birth Weight), समयपूर्व जन्मे (Preterm) तथा छोटे एवं बीमार नवजात (Small and Sick Newborns)’ को जन्म के बाद यथाशीघ्र मां का अपना दूध (Mother&#8217;s Own Milk) उपलब्ध कराया जा सके तथा अनावश्यक रूप से फॉर्मूला फीड के उपयोग को न्यूनतम किया जा सके।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर प्रदेश की अभिनव एवं अग्रणी पहल</strong></span></h3>
<p>उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश का पहला राज्य बन गया है जहां स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत सेवा प्रदाताओं के लिए ’’फैसिलिटी बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट’’ पर एक समर्पित एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया गया है। यद्यपि ’’Lactation Management Unit (LMU) ’’ की स्थापना के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित मॉड्यूल उपलब्ध है, किन्तु सेवा प्रदाताओं के कौशल विकास तथा स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभावी लैक्टेशन प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित यह प्रशिक्षण मॉड्यूल उत्तर प्रदेश की अभिनव एवं अग्रणी पहल है।</p>
<p>राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के ’’45 जनपदों’’ से ’’एसएनसीयू (SNCU) नोडल शिशु रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स एवं लैक्टेशन मैनेजर/काउंसलर’’ ने प्रतिभाग किया। इस प्रशिक्षण का आयोजन ’’परिवार कल्याण निदेशालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश’’ द्वारा ’’यूनिसेफ’’ तथा ’’बाल रोग विभाग, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ’’ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है।</p>
<p>प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्तनपान की वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक तकनीकों, स्तनपान संबंधी सामान्य समस्याओं के समाधान, छोटे एवं बीमार नवजातों के लिए मातृ दुग्ध प्रबंधन, दूध निष्कर्षण एवं सुरक्षित भंडारण, परामर्श कौशल तथा स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभावी स्तनपान सहयोग प्रणाली विकसित करने संबंधी विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी अपने-अपने जनपदों में चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों को प्रशिक्षित कर इस पहल का व्यापक विस्तार सुनिश्चित करेंगे।</p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>और सुदृढ़ होगी गुणवत्तापूर्ण नवजात देखभाल</strong></span></h3>
<p>इस अवसर पर महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डाॅ0 पवन कुमार अरुण ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण नवजात देखभाल को और अधिक सुदृढ़ करेगा। स्वास्थ्य संस्थानों में लैक्टेशन प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था स्थापित होने से नवजातों, विशेषकर कम जन्म वजन, समयपूर्व जन्मे एवं बीमार शिशुओं के लिए मां के अपने दूध की उपलब्धता बढ़ेगी, अनावश्यक फॉर्मूला फीड पर निर्भरता कम होगी तथा विशुद्ध स्तनपान (Exclusive Breastfeeding) को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल नवजात मृत्यु दर एवं संक्रमण के जोखिम को कम करने के साथ-साथ प्रदेश के नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने तथा प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर चीफ यूनीसेफ फील्ड आफिस, उ0प्र0, डॉ. जकारी एडम, अपर निदेशक, आर0सी0एच0 डाॅ0 अजय गुप्ता, महाप्रबंधक, बाल स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ0प्र0 डाॅ0 मिलिंद वर्धन, के0जी0एम0यू0 के पीडियाट्रिक विभाग से प्रोफेसर, डाॅ0 एस0एन0 सिंह एवं प्रोफेसर डाॅ0 शालिनी त्रिपाठी मौजूद रहीं।</p>
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